समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद देहरादून में दो जोड़ों ने लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कानूनी अनुमति मांगी है। दोनों ने UCC पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया, जिसके बाद उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सत्यापन पूरा होने पर उन्हें साथ रहने की अनुमति दी जाएगी।
राज्य में UCC लागू होने के बाद अब तक 193 आवेदन पोर्टल पर दर्ज हो चुके हैं। इनमें विवाह पंजीकरण, विवाह विच्छेद, वसीयत, कानूनी उत्तराधिकारी और विवाह की निरर्थकता से जुड़े मामले शामिल हैं। लेकिन यह पहली बार है जब लिव-इन रिलेशनशिप के दो आवेदन सामने आए हैं।
UCC नियमों के अनुसार, पहले से लिव-इन में रह रहे जोड़ों को एक माह के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जबकि नए रिश्तों में यह नियम शुरू होने की तिथि से लागू होगा। महिला के गर्भवती होने पर रजिस्ट्रार को सूचित करना और बच्चे के जन्म के 30 दिन के भीतर स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा।
अगर कोई जोड़ा पंजीकरण नहीं कराता है, तो छह माह तक की कैद या ₹25,000 जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पंजीकरण के बाद जारी रसीद से वे किराये के मकान या पीजी में आसानी से रह सकेंगे। साथ ही, अभिभावकों को भी इसकी सूचना दी जाएगी।