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कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र स्थित जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज अंधड़ और बारिश के बीच एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

 

बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े थे दोनों

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। बारिश और तेज हवाओं से बचने के लिए दो लोग सड़क किनारे स्थित एक चाय की दुकान के समीप खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज अंधड़ आया और पास में खड़ा एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर उनके ऊपर गिर गया।

पेड़ के नीचे दबने से हल्दूखाता निवासी विक्रम उर्फ खटमल (55), पुत्र छज्जू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशनपुर निवासी दलीप (45), पुत्र शिवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

पेड़ गिरते ही मची अफरा-तफरी, पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी के नेतृत्व में कलालघाटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। पुलिस और SDRF की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पेड़ के नीचे दबे घायल दलीप को बाहर निकाला।इसके बाद घायल को तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि दलीप की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

 

विक्रम की मौत से परिवार में पसरा मातम

इस हादसे में 55 वर्षीय विक्रम उर्फ खटमल की जान चली गई। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। वहीं, गंभीर रूप से घायल दलीप के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन और स्थानीय लोग चिंतित हैं।

 

तेज आंधी और बारिश के दौरान बरतें सावधानी

जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में हुआ यह हादसा खराब मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को एक बार फिर सामने लाता है। तेज हवा और आंधी के समय बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित और मजबूत स्थान पर शरण लेना जरूरी है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क किनारे लगे पुराने या विशाल पेड़ों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि घायल दलीप का अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

 

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चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरने के बाद एक हेलीकॉप्टर का अचानक संपर्क टूट गया है और उसके लापता होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि, हेलीकॉप्टर में कितने यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, इसको लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

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गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

गोपेश्वर में आयोजित बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 11 नगर निकायों में एंटी-लिटरिंग एवं एंटी-स्पिटिंग अभियान के तहत एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 242 चालान किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की नियमित निगरानी करने और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गंगा ग्रामों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सीवरेज प्रबंधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 26 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने सभी प्लांटों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एसटीपी और भूमि हस्तांतरण की लंबित प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर निकायों को सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनके कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और कचरा प्रबंधन की नियमित निगरानी करें।

इस दौरान अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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  • बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
  • 2017 में बदरीनाथ हेलीपैड पर हादसे में इंजीनियर की गई थी जान
  • अब ज्योतिर्मठ घाटी में छह लोगों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
  • खराब मौसम के बीच हवाई सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय की दुर्गम घाटियों में हेलीकॉप्टर उड़ान एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। चमोली जिले में करीब आठ साल के अंतराल में बदरीनाथ और ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई दो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे।

इससे पहले 10 जून 2017 को बदरीनाथ धाम के हेलीपैड पर क्रेस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अगस्ता-119 हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाला था। उड़ान भरते समय संतुलन बिगड़ने से हेलीकॉप्टर नीचे गिर गया था। इस हादसे में चालक दल के इंजीनियर विक्रम लांबा की रोटर ब्लेड की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि दोनों पायलट घायल हुए थे। हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री सुरक्षित बच गए थे।

आठ साल बाद शुक्रवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर बदरीनाथ घाटी में हवाई उड़ानों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। इस बार हादसा उड़ान भरने के बाद ज्योतिर्मठ घाटी के हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1रू14 बजे बदरीनाथ से रवाना हुआ था। कुछ समय बाद उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। बाद में हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई।

घटना के समय बदरीनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश हो रही थी। खराब मौसम, कम दृश्यता और पहाड़ी घाटियों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुई इस दुर्घटना ने हवाई संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। यूकाडा के दो हेलीकॉप्टरों से हवाई रेकी कराई गई। एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर को भी अलर्ट किया गया।

दोनों दुर्घटनाओं के बीच आठ साल का अंतर जरूर है, लेकिन सवाल वही है कि हिमालयी क्षेत्र में संचालित हेली सेवाओं की सुरक्षा कितनी पुख्ता है। चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और मौसम की अनिश्चितता देखते हुए अब उड़ान सुरक्षा, मौसम आकलन और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है।

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गोपेश्वर (चमोली)। साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहें, नशे से दूर रहें और कोई गलत स्पर्श करे तो चुप्पी तोड़कर आवाज उठाएं। नंदानगर पुलिस ने शुक्रवार को गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए।

पुलिस ने नशे के दुष्परिणामों पर भी बच्चों को जागरूक किया। बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके भविष्य और परिवार को भी प्रभावित करता है। बच्चों को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने सरल भाषा में अच्छे और बुरे स्पर्श का अंतर समझाते हुए बच्चों से कहा कि यदि कोई उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है तो डरें नहीं और न ही चुप रहें। ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें।

पुलिस ने बच्चों को संदेश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता, नशामुक्त भविष्य के लिए जागरूकता और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

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कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र स्थित जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज अंधड़ और बारिश के बीच एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

 

बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े थे दोनों

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। बारिश और तेज हवाओं से बचने के लिए दो लोग सड़क किनारे स्थित एक चाय की दुकान के समीप खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज अंधड़ आया और पास में खड़ा एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर उनके ऊपर गिर गया।

पेड़ के नीचे दबने से हल्दूखाता निवासी विक्रम उर्फ खटमल (55), पुत्र छज्जू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशनपुर निवासी दलीप (45), पुत्र शिवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

पेड़ गिरते ही मची अफरा-तफरी, पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी के नेतृत्व में कलालघाटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। पुलिस और SDRF की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पेड़ के नीचे दबे घायल दलीप को बाहर निकाला।इसके बाद घायल को तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि दलीप की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

 

विक्रम की मौत से परिवार में पसरा मातम

इस हादसे में 55 वर्षीय विक्रम उर्फ खटमल की जान चली गई। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। वहीं, गंभीर रूप से घायल दलीप के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन और स्थानीय लोग चिंतित हैं।

 

तेज आंधी और बारिश के दौरान बरतें सावधानी

जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में हुआ यह हादसा खराब मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को एक बार फिर सामने लाता है। तेज हवा और आंधी के समय बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित और मजबूत स्थान पर शरण लेना जरूरी है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क किनारे लगे पुराने या विशाल पेड़ों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि घायल दलीप का अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

 

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चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरने के बाद एक हेलीकॉप्टर का अचानक संपर्क टूट गया है और उसके लापता होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि, हेलीकॉप्टर में कितने यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, इसको लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

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गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

गोपेश्वर में आयोजित बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 11 नगर निकायों में एंटी-लिटरिंग एवं एंटी-स्पिटिंग अभियान के तहत एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 242 चालान किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की नियमित निगरानी करने और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गंगा ग्रामों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सीवरेज प्रबंधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 26 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने सभी प्लांटों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एसटीपी और भूमि हस्तांतरण की लंबित प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर निकायों को सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनके कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और कचरा प्रबंधन की नियमित निगरानी करें।

इस दौरान अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने…
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  • बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
  • 2017 में बदरीनाथ हेलीपैड पर हादसे में इंजीनियर की गई थी जान
  • अब ज्योतिर्मठ घाटी में छह लोगों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
  • खराब मौसम के बीच हवाई सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय की दुर्गम घाटियों में हेलीकॉप्टर उड़ान एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। चमोली जिले में करीब आठ साल के अंतराल में बदरीनाथ और ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई दो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे।

इससे पहले 10 जून 2017 को बदरीनाथ धाम के हेलीपैड पर क्रेस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अगस्ता-119 हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाला था। उड़ान भरते समय संतुलन बिगड़ने से हेलीकॉप्टर नीचे गिर गया था। इस हादसे में चालक दल के इंजीनियर विक्रम लांबा की रोटर ब्लेड की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि दोनों पायलट घायल हुए थे। हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री सुरक्षित बच गए थे।

आठ साल बाद शुक्रवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर बदरीनाथ घाटी में हवाई उड़ानों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। इस बार हादसा उड़ान भरने के बाद ज्योतिर्मठ घाटी के हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1रू14 बजे बदरीनाथ से रवाना हुआ था। कुछ समय बाद उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। बाद में हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई।

घटना के समय बदरीनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश हो रही थी। खराब मौसम, कम दृश्यता और पहाड़ी घाटियों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुई इस दुर्घटना ने हवाई संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। यूकाडा के दो हेलीकॉप्टरों से हवाई रेकी कराई गई। एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर को भी अलर्ट किया गया।

दोनों दुर्घटनाओं के बीच आठ साल का अंतर जरूर है, लेकिन सवाल वही है कि हिमालयी क्षेत्र में संचालित हेली सेवाओं की सुरक्षा कितनी पुख्ता है। चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और मौसम की अनिश्चितता देखते हुए अब उड़ान सुरक्षा, मौसम आकलन और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है।

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गोपेश्वर (चमोली)। साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहें, नशे से दूर रहें और कोई गलत स्पर्श करे तो चुप्पी तोड़कर आवाज उठाएं। नंदानगर पुलिस ने शुक्रवार को गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए।

पुलिस ने नशे के दुष्परिणामों पर भी बच्चों को जागरूक किया। बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके भविष्य और परिवार को भी प्रभावित करता है। बच्चों को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने सरल भाषा में अच्छे और बुरे स्पर्श का अंतर समझाते हुए बच्चों से कहा कि यदि कोई उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है तो डरें नहीं और न ही चुप रहें। ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें।

पुलिस ने बच्चों को संदेश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता, नशामुक्त भविष्य के लिए जागरूकता और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

गोपेश्वर (चमोली)। साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहें,…
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  • कैप्टन हिमांशु समेत छह लोग थे सवार, संचार और ट्रैकिंग सिस्टम से टूटा संपर्क
  • कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार को जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान लापता हो गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। दोपहर करीब 1:14 बजे उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर का संचार संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम ने भी उसकी लोकेशन बताना बंद कर दिया। हेलीकॉप्टर की अंतिम लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार हेलीकॉप्टर का कॉल साइन VT-HCX है। इसमें कैप्टन हिमांशु पायलट के रूप में तैनात थे। उनके साथ पांच यात्री प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एचएस नटराज सवार थे। सभी यात्री पुरुष बताए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें सक्रिय हो गईं। जोशीमठ घाटी और आसपास के संभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की तलाश के लिए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।

घटना के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर की स्थिति और उसमें सवार छह लोगों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। राहत एवं बचाव दल तलाश अभियान में जुटे हैं।

कैप्टन हिमांशु समेत छह लोग थे सवार, संचार और ट्रैकिंग…
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कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र स्थित जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज अंधड़ और बारिश के बीच एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

 

बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े थे दोनों

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। बारिश और तेज हवाओं से बचने के लिए दो लोग सड़क किनारे स्थित एक चाय की दुकान के समीप खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज अंधड़ आया और पास में खड़ा एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर उनके ऊपर गिर गया।

पेड़ के नीचे दबने से हल्दूखाता निवासी विक्रम उर्फ खटमल (55), पुत्र छज्जू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशनपुर निवासी दलीप (45), पुत्र शिवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

पेड़ गिरते ही मची अफरा-तफरी, पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी के नेतृत्व में कलालघाटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। पुलिस और SDRF की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पेड़ के नीचे दबे घायल दलीप को बाहर निकाला।इसके बाद घायल को तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि दलीप की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

 

विक्रम की मौत से परिवार में पसरा मातम

इस हादसे में 55 वर्षीय विक्रम उर्फ खटमल की जान चली गई। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। वहीं, गंभीर रूप से घायल दलीप के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन और स्थानीय लोग चिंतित हैं।

 

तेज आंधी और बारिश के दौरान बरतें सावधानी

जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में हुआ यह हादसा खराब मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को एक बार फिर सामने लाता है। तेज हवा और आंधी के समय बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित और मजबूत स्थान पर शरण लेना जरूरी है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क किनारे लगे पुराने या विशाल पेड़ों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि घायल दलीप का अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

 

कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र स्थित जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज अंधड़ और बारिश के बीच एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से…

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चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरने के बाद एक हेलीकॉप्टर का अचानक संपर्क टूट गया है और उसके लापता होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि, हेलीकॉप्टर में कितने यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, इसको लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरने के बाद एक हेलीकॉप्टर का अचानक संपर्क टूट गया है और उसके लापता होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते…

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मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश – badhtauttarakhand

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश – badhtauttarakhand

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बदरीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी पर क्रैश, पायलट समेत छह लोग थे सवार; खराब मौसम में रेस्क्यू अभियान जारी – badhtauttarakhand

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गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

गोपेश्वर में आयोजित बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 11 नगर निकायों में एंटी-लिटरिंग एवं एंटी-स्पिटिंग अभियान के तहत एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 242 चालान किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की नियमित निगरानी करने और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गंगा ग्रामों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सीवरेज प्रबंधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 26 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने सभी प्लांटों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एसटीपी और भूमि हस्तांतरण की लंबित प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर निकायों को सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनके कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और कचरा प्रबंधन की नियमित निगरानी करें।

इस दौरान अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के…

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  • बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
  • 2017 में बदरीनाथ हेलीपैड पर हादसे में इंजीनियर की गई थी जान
  • अब ज्योतिर्मठ घाटी में छह लोगों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
  • खराब मौसम के बीच हवाई सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय की दुर्गम घाटियों में हेलीकॉप्टर उड़ान एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। चमोली जिले में करीब आठ साल के अंतराल में बदरीनाथ और ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई दो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे।

इससे पहले 10 जून 2017 को बदरीनाथ धाम के हेलीपैड पर क्रेस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अगस्ता-119 हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाला था। उड़ान भरते समय संतुलन बिगड़ने से हेलीकॉप्टर नीचे गिर गया था। इस हादसे में चालक दल के इंजीनियर विक्रम लांबा की रोटर ब्लेड की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि दोनों पायलट घायल हुए थे। हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री सुरक्षित बच गए थे।

आठ साल बाद शुक्रवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर बदरीनाथ घाटी में हवाई उड़ानों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। इस बार हादसा उड़ान भरने के बाद ज्योतिर्मठ घाटी के हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1रू14 बजे बदरीनाथ से रवाना हुआ था। कुछ समय बाद उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। बाद में हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई।

घटना के समय बदरीनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश हो रही थी। खराब मौसम, कम दृश्यता और पहाड़ी घाटियों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुई इस दुर्घटना ने हवाई संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। यूकाडा के दो हेलीकॉप्टरों से हवाई रेकी कराई गई। एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर को भी अलर्ट किया गया।

दोनों दुर्घटनाओं के बीच आठ साल का अंतर जरूर है, लेकिन सवाल वही है कि हिमालयी क्षेत्र में संचालित हेली सेवाओं की सुरक्षा कितनी पुख्ता है। चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और मौसम की अनिश्चितता देखते हुए अब उड़ान सुरक्षा, मौसम आकलन और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है।

बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता 2017 में बदरीनाथ हेलीपैड पर हादसे में इंजीनियर की गई थी जान अब ज्योतिर्मठ घाटी में छह लोगों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश खराब मौसम के बीच हवाई सुरक्षा पर फिर उठे सवाल गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय की दुर्गम घाटियों में हेलीकॉप्टर उड़ान एक बार…

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गोपेश्वर (चमोली)। साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहें, नशे से दूर रहें और कोई गलत स्पर्श करे तो चुप्पी तोड़कर आवाज उठाएं। नंदानगर पुलिस ने शुक्रवार को गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए।

पुलिस ने नशे के दुष्परिणामों पर भी बच्चों को जागरूक किया। बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके भविष्य और परिवार को भी प्रभावित करता है। बच्चों को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने सरल भाषा में अच्छे और बुरे स्पर्श का अंतर समझाते हुए बच्चों से कहा कि यदि कोई उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है तो डरें नहीं और न ही चुप रहें। ऐसी स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें।

पुलिस ने बच्चों को संदेश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता, नशामुक्त भविष्य के लिए जागरूकता और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

गोपेश्वर (चमोली)। साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहें, नशे से दूर रहें और कोई गलत स्पर्श करे तो चुप्पी तोड़कर आवाज उठाएं। नंदानगर पुलिस ने शुक्रवार को गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में पुलिस टीम ने बच्चों को साइबर अपराध…

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  • कैप्टन हिमांशु समेत छह लोग थे सवार, संचार और ट्रैकिंग सिस्टम से टूटा संपर्क
  • कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार को जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान लापता हो गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। दोपहर करीब 1:14 बजे उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर का संचार संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम ने भी उसकी लोकेशन बताना बंद कर दिया। हेलीकॉप्टर की अंतिम लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार हेलीकॉप्टर का कॉल साइन VT-HCX है। इसमें कैप्टन हिमांशु पायलट के रूप में तैनात थे। उनके साथ पांच यात्री प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एचएस नटराज सवार थे। सभी यात्री पुरुष बताए गए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें सक्रिय हो गईं। जोशीमठ घाटी और आसपास के संभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की तलाश के लिए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।

घटना के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर की स्थिति और उसमें सवार छह लोगों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। राहत एवं बचाव दल तलाश अभियान में जुटे हैं।

कैप्टन हिमांशु समेत छह लोग थे सवार, संचार और ट्रैकिंग सिस्टम से टूटा संपर्क कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार को जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान लापता हो गया।…

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कोटद्वार में एसडीएम संदीप कुमार का मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों से लिए मिठाइयों के नमूने, कांटे के नवीनीकरण में लापरवाही पर नोटिस – badhtauttarakhand

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छेड़छाड़ के आरोपी अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार, पीड़ित युवती के द्वारा दुष्कर्म का अभियोग कराया गया था पंजीकृत – badhtauttarakhand

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कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र स्थित जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज अंधड़ और बारिश के बीच एक विशाल पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

 

बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े थे दोनों

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया। बारिश और तेज हवाओं से बचने के लिए दो लोग सड़क किनारे स्थित एक चाय की दुकान के समीप खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज अंधड़ आया और पास में खड़ा एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर उनके ऊपर गिर गया।

पेड़ के नीचे दबने से हल्दूखाता निवासी विक्रम उर्फ खटमल (55), पुत्र छज्जू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशनपुर निवासी दलीप (45), पुत्र शिवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

पेड़ गिरते ही मची अफरा-तफरी, पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी के नेतृत्व में कलालघाटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। पुलिस और SDRF की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पेड़ के नीचे दबे घायल दलीप को बाहर निकाला।इसके बाद घायल को तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि दलीप की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

 

विक्रम की मौत से परिवार में पसरा मातम

इस हादसे में 55 वर्षीय विक्रम उर्फ खटमल की जान चली गई। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। वहीं, गंभीर रूप से घायल दलीप के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन और स्थानीय लोग चिंतित हैं।

 

तेज आंधी और बारिश के दौरान बरतें सावधानी

जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में हुआ यह हादसा खराब मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को एक बार फिर सामने लाता है। तेज हवा और आंधी के समय बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और अस्थायी निर्माणों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश या तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित और मजबूत स्थान पर शरण लेना जरूरी है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क किनारे लगे पुराने या विशाल पेड़ों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि घायल दलीप का अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

 

कोटद्वार : उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भाबर क्षेत्र…
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चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरने के बाद एक हेलीकॉप्टर का अचानक संपर्क टूट गया है और उसके लापता होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाके में राहत एवं बचाव कार्य (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि, हेलीकॉप्टर में कितने यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, इसको लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर…
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गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

गोपेश्वर में आयोजित बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 11 नगर निकायों में एंटी-लिटरिंग एवं एंटी-स्पिटिंग अभियान के तहत एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 242 चालान किए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की नियमित निगरानी करने और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गंगा ग्रामों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सीवरेज प्रबंधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 26 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने सभी प्लांटों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एसटीपी और भूमि हस्तांतरण की लंबित प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर निकायों को सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनके कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और कचरा प्रबंधन की नियमित निगरानी करें।

इस दौरान अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने…
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  • बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
  • 2017 में बदरीनाथ हेलीपैड पर हादसे में इंजीनियर की गई थी जान
  • अब ज्योतिर्मठ घाटी में छह लोगों को लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
  • खराब मौसम के बीच हवाई सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गोपेश्वर (चमोली)। हिमालय की दुर्गम घाटियों में हेलीकॉप्टर उड़ान एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। चमोली जिले में करीब आठ साल के अंतराल में बदरीनाथ और ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई दो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे।

इससे पहले 10 जून 2017 को बदरीनाथ धाम के हेलीपैड पर क्रेस्टल एविएशन का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अगस्ता-119 हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाला था। उड़ान भरते समय संतुलन बिगड़ने से हेलीकॉप्टर नीचे गिर गया था। इस हादसे में चालक दल के इंजीनियर विक्रम लांबा की रोटर ब्लेड की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि दोनों पायलट घायल हुए थे। हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री सुरक्षित बच गए थे।

आठ साल बाद शुक्रवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर बदरीनाथ घाटी में हवाई उड़ानों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। इस बार हादसा उड़ान भरने के बाद ज्योतिर्मठ घाटी के हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1रू14 बजे बदरीनाथ से रवाना हुआ था। कुछ समय बाद उसका संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। बाद में हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई।

घटना के समय बदरीनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश हो रही थी। खराब मौसम, कम दृश्यता और पहाड़ी घाटियों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हुई इस दुर्घटना ने हवाई संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। यूकाडा के दो हेलीकॉप्टरों से हवाई रेकी कराई गई। एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर को भी अलर्ट किया गया।

दोनों दुर्घटनाओं के बीच आठ साल का अंतर जरूर है, लेकिन सवाल वही है कि हिमालयी क्षेत्र में संचालित हेली सेवाओं की सुरक्षा कितनी पुख्ता है। चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं का बढ़ता इस्तेमाल और मौसम की अनिश्चितता देखते हुए अब उड़ान सुरक्षा, मौसम आकलन और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है।

बदरीनाथ से हाथी पर्वत तक दो दुर्घटनाओं ने बढ़ाई चिंता…