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देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अनुसार नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हेल्पलाइन की सेवाएं 10 नवंबर 2026 से दोबारा शुरू होंगी। इस दौरान नागरिकों को 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।

नई एजेंसी संभालेगी हेल्पलाइन का संचालन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन अब नई कार्यदायी संस्था वी विन लिमिटेड (We Win Limited) करेगी। संस्था द्वारा 10 नवंबर 2026 से हेल्पलाइन सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और परिचालन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर स्थापित करने, उसका तकनीकी परीक्षण करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा, ताकि हेल्पलाइन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

नौ दिन तक स्वास्थ्य परामर्श नहीं मिलेगा

हेल्पलाइन बंद रहने के दौरान आम नागरिक 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नागरिकों से अस्थायी व्यवधान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग नागरिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त करने के लिए करते हैं। ऐसे में सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक माध्यमों का सहारा लेना होगा। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी बदलाव और नई एजेंसी के माध्यम से संचालन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाए, जिससे हेल्पलाइन सेवाओं को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के दोबारा शुरू किया जा सके।

10 नवंबर से फिर शुरू होंगी सेवाएं

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हेल्पलाइन सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। मिशन की ओर से कहा गया है कि सेवाओं को 10 नवंबर से दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नए सॉफ्टवेयर और नई कार्यदायी संस्था के माध्यम से हेल्पलाइन संचालन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के निदेशक डॉ अमित शुक्ला ने बताया कि 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं नई कार्यदायी संस्था द्वारा संचालन शुरू करने और नवीन सॉफ्टवेयर स्थापित करने की तैयारी के कारण एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से वी विन लिमिटेड हेल्पलाइन का संचालन शुरू करेगी। नागरिकों से इस अवधि में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

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श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीयंत्र टापू, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 9.13 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्रीनगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 51 पर्यावरण मित्र, महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹2,01,530 का चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से महिला समूहों की आजीविका को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज श्रीनगर के विकास को नई गति देने की दिशा में ₹9 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा, ये योजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। उनका संकल्प एक ऐसे सशक्त राष्ट्र के निर्माण का था, जहां राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि हो तथा राष्ट्रहित ही प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रदेश को विकास, सुशासन और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आज पौड़ी जिले में ही करोड़ों की योजनाओं पर काम चल रहा है। चार धाम यात्रा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को नई दिशा देने का काम किया है। चार धामों को ऑल वेदर सड़क से जोड़ा गया है। जिसका मुख्य केंद्र श्रीनगर भी है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तेज गति से पूरा हो रहा है। इसका एक स्टेशन श्रीनगर में भी है।जिससे यहां के लोगों को भी इस रेल मार्ग का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरा करते हुए नगर में करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सभी पार्षदों से भरी सिटी बस का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क), सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क, पार्कों का सौंदर्यीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी विशेष आकर्षण रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल से हटकर अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत,सतपाल महाराज, भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर शाम घर के आंगन में मौजूद आठ वर्षीय बच्ची सान्वी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भागने लगा। लेकिन मां नीलम रावत ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार के पीछे दौड़कर अपनी बेटी को उसके जबड़े से छुड़ा लिया।

 

आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, सनेह निवासी संतोष रावत की आठ वर्षीय बेटी सान्वी मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी। इसी दौरान आंगन के एक कोने में छिपे गुलदार ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।

 

गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोचकर खेतों की तरफ ले जाने लगा। बेटी को गुलदार के कब्जे में देख मां नीलम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा शुरू कर दिया।

 

करीब 100 मीटर तक मां ने किया गुलदार का पीछा

नीलम ने बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार का पीछा किया। करीब 100 मीटर दूर जाकर गुलदार रुका, तभी नीलम ने मौका पाकर अपनी बेटी को उसकी पकड़ से खींच लिया। इस दौरान आसपास के ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।

 

मां की बहादुरी और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई, हालांकि गुलदार के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

 

बच्ची की गर्दन पर पंजों के गहरे निशान

घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को उपचार के लिए राजकीय बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे घाव हैं। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है।

 

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश

सनेह क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब तक चार लोगों को घायल कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

घटना की जानकारी मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण भी अस्पताल पहुंचीं और घायल बच्ची का हालचाल जाना।

 

इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

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कोटद्वार : उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

 

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने होटल की फायर एनओसी बनवाना चाहता था। इसके लिए उसने फायर स्टेशन कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी से संपर्क किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले अधिकारी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की।

 

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल

अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत विजिलेंस से की। शिकायत के आधार पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित की।

 

6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

बुधवार को सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अनुसार नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हेल्पलाइन की सेवाएं 10 नवंबर 2026 से दोबारा शुरू होंगी। इस दौरान नागरिकों को 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।

नई एजेंसी संभालेगी हेल्पलाइन का संचालन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन अब नई कार्यदायी संस्था वी विन लिमिटेड (We Win Limited) करेगी। संस्था द्वारा 10 नवंबर 2026 से हेल्पलाइन सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और परिचालन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर स्थापित करने, उसका तकनीकी परीक्षण करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा, ताकि हेल्पलाइन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

नौ दिन तक स्वास्थ्य परामर्श नहीं मिलेगा

हेल्पलाइन बंद रहने के दौरान आम नागरिक 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नागरिकों से अस्थायी व्यवधान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग नागरिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त करने के लिए करते हैं। ऐसे में सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक माध्यमों का सहारा लेना होगा। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी बदलाव और नई एजेंसी के माध्यम से संचालन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाए, जिससे हेल्पलाइन सेवाओं को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के दोबारा शुरू किया जा सके।

10 नवंबर से फिर शुरू होंगी सेवाएं

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हेल्पलाइन सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। मिशन की ओर से कहा गया है कि सेवाओं को 10 नवंबर से दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नए सॉफ्टवेयर और नई कार्यदायी संस्था के माध्यम से हेल्पलाइन संचालन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के निदेशक डॉ अमित शुक्ला ने बताया कि 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं नई कार्यदायी संस्था द्वारा संचालन शुरू करने और नवीन सॉफ्टवेयर स्थापित करने की तैयारी के कारण एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से वी विन लिमिटेड हेल्पलाइन का संचालन शुरू करेगी। नागरिकों से इस अवधि में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

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श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीयंत्र टापू, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 9.13 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्रीनगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 51 पर्यावरण मित्र, महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹2,01,530 का चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से महिला समूहों की आजीविका को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज श्रीनगर के विकास को नई गति देने की दिशा में ₹9 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा, ये योजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। उनका संकल्प एक ऐसे सशक्त राष्ट्र के निर्माण का था, जहां राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि हो तथा राष्ट्रहित ही प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रदेश को विकास, सुशासन और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आज पौड़ी जिले में ही करोड़ों की योजनाओं पर काम चल रहा है। चार धाम यात्रा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को नई दिशा देने का काम किया है। चार धामों को ऑल वेदर सड़क से जोड़ा गया है। जिसका मुख्य केंद्र श्रीनगर भी है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तेज गति से पूरा हो रहा है। इसका एक स्टेशन श्रीनगर में भी है।जिससे यहां के लोगों को भी इस रेल मार्ग का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरा करते हुए नगर में करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सभी पार्षदों से भरी सिटी बस का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क), सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क, पार्कों का सौंदर्यीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी विशेष आकर्षण रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल से हटकर अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत,सतपाल महाराज, भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर शाम घर के आंगन में मौजूद आठ वर्षीय बच्ची सान्वी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भागने लगा। लेकिन मां नीलम रावत ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार के पीछे दौड़कर अपनी बेटी को उसके जबड़े से छुड़ा लिया।

 

आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, सनेह निवासी संतोष रावत की आठ वर्षीय बेटी सान्वी मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी। इसी दौरान आंगन के एक कोने में छिपे गुलदार ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।

 

गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोचकर खेतों की तरफ ले जाने लगा। बेटी को गुलदार के कब्जे में देख मां नीलम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा शुरू कर दिया।

 

करीब 100 मीटर तक मां ने किया गुलदार का पीछा

नीलम ने बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार का पीछा किया। करीब 100 मीटर दूर जाकर गुलदार रुका, तभी नीलम ने मौका पाकर अपनी बेटी को उसकी पकड़ से खींच लिया। इस दौरान आसपास के ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।

 

मां की बहादुरी और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई, हालांकि गुलदार के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

 

बच्ची की गर्दन पर पंजों के गहरे निशान

घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को उपचार के लिए राजकीय बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे घाव हैं। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है।

 

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश

सनेह क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब तक चार लोगों को घायल कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

घटना की जानकारी मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण भी अस्पताल पहुंचीं और घायल बच्ची का हालचाल जाना।

 

इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक…
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कोटद्वार : उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

 

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने होटल की फायर एनओसी बनवाना चाहता था। इसके लिए उसने फायर स्टेशन कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी से संपर्क किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले अधिकारी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की।

 

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल

अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत विजिलेंस से की। शिकायत के आधार पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित की।

 

6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

बुधवार को सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन में किया प्रतिभाग, क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं – badhtauttarakhand

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देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अनुसार नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हेल्पलाइन की सेवाएं 10 नवंबर 2026 से दोबारा शुरू होंगी। इस दौरान नागरिकों को 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।

नई एजेंसी संभालेगी हेल्पलाइन का संचालन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन अब नई कार्यदायी संस्था वी विन लिमिटेड (We Win Limited) करेगी। संस्था द्वारा 10 नवंबर 2026 से हेल्पलाइन सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और परिचालन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर स्थापित करने, उसका तकनीकी परीक्षण करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा, ताकि हेल्पलाइन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

नौ दिन तक स्वास्थ्य परामर्श नहीं मिलेगा

हेल्पलाइन बंद रहने के दौरान आम नागरिक 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नागरिकों से अस्थायी व्यवधान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग नागरिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त करने के लिए करते हैं। ऐसे में सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक माध्यमों का सहारा लेना होगा। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी बदलाव और नई एजेंसी के माध्यम से संचालन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाए, जिससे हेल्पलाइन सेवाओं को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के दोबारा शुरू किया जा सके।

10 नवंबर से फिर शुरू होंगी सेवाएं

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हेल्पलाइन सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। मिशन की ओर से कहा गया है कि सेवाओं को 10 नवंबर से दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नए सॉफ्टवेयर और नई कार्यदायी संस्था के माध्यम से हेल्पलाइन संचालन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के निदेशक डॉ अमित शुक्ला ने बताया कि 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं नई कार्यदायी संस्था द्वारा संचालन शुरू करने और नवीन सॉफ्टवेयर स्थापित करने की तैयारी के कारण एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से वी विन लिमिटेड हेल्पलाइन का संचालन शुरू करेगी। नागरिकों से इस अवधि में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अनुसार नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हेल्पलाइन…

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श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीयंत्र टापू, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 9.13 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्रीनगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 51 पर्यावरण मित्र, महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ₹2,01,530 का चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से महिला समूहों की आजीविका को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज श्रीनगर के विकास को नई गति देने की दिशा में ₹9 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा, ये योजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। उनका संकल्प एक ऐसे सशक्त राष्ट्र के निर्माण का था, जहां राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि हो तथा राष्ट्रहित ही प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रदेश को विकास, सुशासन और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आज पौड़ी जिले में ही करोड़ों की योजनाओं पर काम चल रहा है। चार धाम यात्रा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को नई दिशा देने का काम किया है। चार धामों को ऑल वेदर सड़क से जोड़ा गया है। जिसका मुख्य केंद्र श्रीनगर भी है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तेज गति से पूरा हो रहा है। इसका एक स्टेशन श्रीनगर में भी है।जिससे यहां के लोगों को भी इस रेल मार्ग का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरा करते हुए नगर में करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सभी पार्षदों से भरी सिटी बस का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क), सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क, पार्कों का सौंदर्यीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी विशेष आकर्षण रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल से हटकर अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत,सतपाल महाराज, भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीयंत्र टापू, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 9.13 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्रीनगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बस सेवा का शुभारंभ…

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पौड़ी में गुलदार ने फिर एक बालिका को बनाया शिकार, आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक को डेढ़ घंटे तक जाने नहीं दिया – badhtauttarakhand

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10 नवंबर तक चारधाम क्षेत्र में चार्टर्ड हेली सेवा बंद, बदरीनाथ में फंसे 50 से अधिक यात्रियों की बढ़ी परेशानी – badhtauttarakhand

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कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर शाम घर के आंगन में मौजूद आठ वर्षीय बच्ची सान्वी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भागने लगा। लेकिन मां नीलम रावत ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार के पीछे दौड़कर अपनी बेटी को उसके जबड़े से छुड़ा लिया।

 

आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, सनेह निवासी संतोष रावत की आठ वर्षीय बेटी सान्वी मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी। इसी दौरान आंगन के एक कोने में छिपे गुलदार ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।

 

गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोचकर खेतों की तरफ ले जाने लगा। बेटी को गुलदार के कब्जे में देख मां नीलम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा शुरू कर दिया।

 

करीब 100 मीटर तक मां ने किया गुलदार का पीछा

नीलम ने बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार का पीछा किया। करीब 100 मीटर दूर जाकर गुलदार रुका, तभी नीलम ने मौका पाकर अपनी बेटी को उसकी पकड़ से खींच लिया। इस दौरान आसपास के ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।

 

मां की बहादुरी और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई, हालांकि गुलदार के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

 

बच्ची की गर्दन पर पंजों के गहरे निशान

घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को उपचार के लिए राजकीय बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे घाव हैं। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है।

 

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश

सनेह क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब तक चार लोगों को घायल कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

घटना की जानकारी मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण भी अस्पताल पहुंचीं और घायल बच्ची का हालचाल जाना।

 

इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर शाम घर के आंगन में मौजूद आठ वर्षीय बच्ची सान्वी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भागने लगा। लेकिन मां नीलम रावत ने हिम्मत…

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कोटद्वार : उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

 

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने होटल की फायर एनओसी बनवाना चाहता था। इसके लिए उसने फायर स्टेशन कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी से संपर्क किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले अधिकारी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की।

 

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल

अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत विजिलेंस से की। शिकायत के आधार पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित की।

 

6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

बुधवार को सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कोटद्वार : उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने के…

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केदारताल में लापता पर्वतारोहियों की तलाश तेज, संकरी घाटी बनी रेस्क्यू अभियान में चुनौती – badhtauttarakhand

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कोटद्वार : बीती 3 नवम्बर को जनपद पौड़ी गढ़वाल के समस्त कोतवाली एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले कुल 04 वाहन चालकों (कोतवाली कोटद्वार-03 एवं कोतवाली पौड़ी-01) के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को सीज किया गया तथा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

 

इसके अतिरिक्त कोटद्वार में नाबालिग द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के मामले में संबंधित वाहन को सीज किया गया। वहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 90 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।

कोटद्वार : बीती 3 नवम्बर को जनपद पौड़ी गढ़वाल के समस्त कोतवाली एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले कुल 04 वाहन चालकों (कोतवाली कोटद्वार-03 एवं कोतवाली पौड़ी-01) के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को…

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देहरादून : निर्माण और अवसान तिथि दर्ज नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, देहरादून में नौ खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए त्योहारी सीजन में बाजारों में मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी निगरानी तेज कर दी है। आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में लगातार निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के दिशा-निर्देशों पर विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। खास तौर पर खुले में बिकने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू कराने पर जोर दिया जा रहा है।

इसी क्रम में देहरादून जनपद के नगर निगम क्षेत्र, विकासनगर, हरबर्टपुर और ऋषिकेश में खाद्य सुरक्षा विभाग की अलग-अलग टीमों ने मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां नियमों का उल्लंघन मिला, वहां चालानी कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभिन्न मिठाइयों और घी के कुल नौ विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं।

मिठाई की ट्रे पर तारीखों की जांच
आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह ने बंजारावाला और मथुरावाला सहित आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित किए जाने की व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण में ओम पाल स्वीट्स एवं डेयरी पर मिठाइयों की ट्रे में निर्धारित तिथियां अंकित नहीं पाई गईं। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके साथ ही रमेश सिंह की टीम ने गुणवत्ता को लेकर संदेह के आधार पर घी और मिठाई के तीन विधिक नमूने भी एकत्र किए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी उपलब्ध कराना भी है कि वे जो मिठाई खरीद रहे हैं, उसका निर्माण कब हुआ है और उसका उपयोग कितनी अवधि तक सुरक्षित है।

विकासनगर से ऋषिकेश तक जांच का दायरा
खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान केवल शहर के मुख्य बाजारों तक सीमित नहीं रहा। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी ने हरबर्टपुर और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। हरबर्टपुर में एक मिठाई की दुकान पर ट्रे में निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित नहीं मिली। इस पर संबंधित दुकानदार के विरुद्ध चालानी कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, गुणवत्ता की जांच के लिए अशोक बेकर्स से रसगुल्ला और पेड़ा के दो विधिक नमूने लिए गए। इसी तरह वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह ने वीरभद्र रोड, तिलक रोड और आसपास के क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और अवसान तिथि लिखे जाने की व्यवस्था को परखा गया। टीम ने संदेह के आधार पर बेसन के लड्डू, मिल्क केक, पेड़ा और ड्राई फ्रूट स्वीट्स के चार नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इस तरह जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान कुल नौ खाद्य नमूने लिए गए। इनमें घी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल हैं। सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेज दिया गया है।

उपभोक्ताओं के हितों पर विभाग का फोकस
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय शंकर पांडेय के निर्देशों के क्रम में मिठाई की दुकानों और बेकरी संचालकों को खुले में बिकने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उपयोग की समय-सीमा के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे जागरूक होकर खरीदारी कर सकें। उन्होंने बताया कि जनपद में चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संदेहास्पद खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बढ़ती खपत को देखते हुए विभाग की यह सक्रियता उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। निर्माण और अवसान तिथि का स्पष्ट उल्लेख, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई से बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। विभाग की कोशिश है कि त्योहारों की मिठास में मिलावट या असुरक्षित खाद्य सामग्री का कोई खतरा न घुले और आमजन तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंच सकें।

त्योहारों में शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता : विनय शंकर पांडेय
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेशभर में विशेष निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी मिठाई और बेकरी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि खुले में बिक्री के लिए रखी मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करें, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद की ताजगी और उपयोग की समय-सीमा की जानकारी मिल सके। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

 

देहरादून : निर्माण और अवसान तिथि दर्ज नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, देहरादून में नौ खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए त्योहारी सीजन में बाजारों में मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी निगरानी तेज…

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देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अनुसार नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हेल्पलाइन की सेवाएं 10 नवंबर 2026 से दोबारा शुरू होंगी। इस दौरान नागरिकों को 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।

नई एजेंसी संभालेगी हेल्पलाइन का संचालन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन अब नई कार्यदायी संस्था वी विन लिमिटेड (We Win Limited) करेगी। संस्था द्वारा 10 नवंबर 2026 से हेल्पलाइन सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और परिचालन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर स्थापित करने, उसका तकनीकी परीक्षण करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा, ताकि हेल्पलाइन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

नौ दिन तक स्वास्थ्य परामर्श नहीं मिलेगा

हेल्पलाइन बंद रहने के दौरान आम नागरिक 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नागरिकों से अस्थायी व्यवधान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है।

104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उपयोग नागरिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त करने के लिए करते हैं। ऐसे में सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान लोगों को वैकल्पिक माध्यमों का सहारा लेना होगा। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी बदलाव और नई एजेंसी के माध्यम से संचालन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाए, जिससे हेल्पलाइन सेवाओं को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के दोबारा शुरू किया जा सके।

10 नवंबर से फिर शुरू होंगी सेवाएं

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हेल्पलाइन सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। मिशन की ओर से कहा गया है कि सेवाओं को 10 नवंबर से दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नए सॉफ्टवेयर और नई कार्यदायी संस्था के माध्यम से हेल्पलाइन संचालन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के निदेशक डॉ अमित शुक्ला ने बताया कि 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं नई कार्यदायी संस्था द्वारा संचालन शुरू करने और नवीन सॉफ्टवेयर स्थापित करने की तैयारी के कारण एक से नौ नवंबर तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से वी विन लिमिटेड हेल्पलाइन का संचालन शुरू करेगी। नागरिकों से इस अवधि में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

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श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीयंत्र टापू, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 9.13 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। श्रीनगर पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 51 पर्यावरण मित्र, महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट प्रदान की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज श्रीनगर के विकास को नई गति देने की दिशा में ₹9 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा, ये योजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रदेश को विकास, सुशासन और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आज पौड़ी जिले में ही करोड़ों की योजनाओं पर काम चल रहा है। चार धाम यात्रा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ यहां के स्थानीय निवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को नई दिशा देने का काम किया है। चार धामों को ऑल वेदर सड़क से जोड़ा गया है। जिसका मुख्य केंद्र श्रीनगर भी है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तेज गति से पूरा हो रहा है। इसका एक स्टेशन श्रीनगर में भी है।जिससे यहां के लोगों को भी इस रेल मार्ग का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरा करते हुए नगर में करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सभी पार्षदों से भरी सिटी बस का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल स्वच्छ एवं हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क), सड़क एवं नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क, पार्कों का सौंदर्यीकरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी विशेष आकर्षण रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल से हटकर अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे खासे उत्साहित नजर आए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत,सतपाल महाराज, भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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कोटद्वार : सनेह क्षेत्र में गुलदार के हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार देर शाम घर के आंगन में मौजूद आठ वर्षीय बच्ची सान्वी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भागने लगा। लेकिन मां नीलम रावत ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार के पीछे दौड़कर अपनी बेटी को उसके जबड़े से छुड़ा लिया।

 

आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, सनेह निवासी संतोष रावत की आठ वर्षीय बेटी सान्वी मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन में लाइट जलाने पहुंची थी। इसी दौरान आंगन के एक कोने में छिपे गुलदार ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया।

 

गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोचकर खेतों की तरफ ले जाने लगा। बेटी को गुलदार के कब्जे में देख मां नीलम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा शुरू कर दिया।

 

करीब 100 मीटर तक मां ने किया गुलदार का पीछा

नीलम ने बिना अपनी जान की परवाह किए गुलदार का पीछा किया। करीब 100 मीटर दूर जाकर गुलदार रुका, तभी नीलम ने मौका पाकर अपनी बेटी को उसकी पकड़ से खींच लिया। इस दौरान आसपास के ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।

 

मां की बहादुरी और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई, हालांकि गुलदार के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

 

बच्ची की गर्दन पर पंजों के गहरे निशान

घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को उपचार के लिए राजकीय बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे घाव हैं। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है।

 

गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में आक्रोश

सनेह क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब तक चार लोगों को घायल कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

घटना की जानकारी मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण भी अस्पताल पहुंचीं और घायल बच्ची का हालचाल जाना।

 

इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

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