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  • तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी पर सख्ती, निर्देशों की अनदेखी पर मुकदमे की तैयारी
  • आयुक्त विनय शंकर पांडे की दो टूक – जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

देहरादून : दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून के यमुना कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चकराता रोड स्थित एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी सील कर प्रयोगशाला भेजा गया। इसके अलावा तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी मिलने तथा सुधार संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने, सिरप भी जांच के दायरे में

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र की टीम ने यमुना कॉलोनी स्थित एडीज बेकरी का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए हेज़लनट चॉकलेट केक और क्रीम के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त प्रिंसटिन ब्रांड के पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी जांच के लिए सील किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण में दस्तावेजों की कमी भी आई सामने

विभागीय जानकारी के अनुसार, एडीज बेकरी के निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रख रही हैं।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी, निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई

इसी अभियान के तहत तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी पाए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार, पहले संबंधित प्रतिष्ठान को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक रसोई का संचालन स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कैफे संचालक ने इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 और 58 के अंतर्गत वाद दायर करने की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कार्यदिवस में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी, देहरादून के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय करना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। विभाग का यह अभियान त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई – विनय शंकर पांडे

आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला जांच में नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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  • आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।

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देहरादून : दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून के यमुना कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चकराता रोड स्थित एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी सील कर प्रयोगशाला भेजा गया। इसके अलावा तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी मिलने तथा सुधार संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने, सिरप भी जांच के दायरे में

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र की टीम ने यमुना कॉलोनी स्थित एडीज बेकरी का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए हेज़लनट चॉकलेट केक और क्रीम के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त प्रिंसटिन ब्रांड के पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी जांच के लिए सील किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण में दस्तावेजों की कमी भी आई सामने

विभागीय जानकारी के अनुसार, एडीज बेकरी के निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रख रही हैं।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी, निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई

इसी अभियान के तहत तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी पाए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार, पहले संबंधित प्रतिष्ठान को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक रसोई का संचालन स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कैफे संचालक ने इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 और 58 के अंतर्गत वाद दायर करने की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कार्यदिवस में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी, देहरादून के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय करना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। विभाग का यह अभियान त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई – विनय शंकर पांडे

आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला जांच में नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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  • आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।

आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर…
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केदारनाथ : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की 20 वर्षीय क्रिकेटर रीतिका रावत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रीतिका का चयन उत्तराखण्ड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली रीतिका ने तमाम चुनौतियों के बीच क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को कायम रखा और लगातार अभ्यास कर इस मुकाम तक पहुंचीं। उनकी सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

 

रीतिका के पिता महेंद्र सिंह रावत केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन का कार्य करते हैं, जबकि उनकी माता अरुणा देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रीतिका ने अपने खेल को निखारने के लिए कड़ी मेहनत की। शुरुआती दौर में उन्होंने खेतों में अभ्यास कर गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।

 

बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी है खासियत

रीतिका बाएं हाथ से ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी करती हैं। उन्होंने पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, ऊखीमठ से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मदमहेश्वर क्रिकेट एकेडमी में कोच गणेश वर्मा के मार्गदर्शन में क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। फिलहाल वह देहरादून की निंबस क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।

 

23 अक्टूबर को पुणे के लिए होंगी रवाना

उत्तराखण्ड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में जगह मिलने के बाद रीतिका के पास राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर है। आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए वह 23 अक्टूबर को टीम के साथ पुणे रवाना होंगी। यह चयन उनके क्रिकेट करियर में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

 

रीतिका की इस कामयाबी पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रीतिका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड और रुद्रप्रयाग का नाम रोशन करेंगी।

 

संघर्ष से सफलता तक का सफर

रीतिका की उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। उनका सफर बताता है कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के सहारे मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।

केदारनाथ : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की 20 वर्षीय क्रिकेटर…
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21वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन 25 और 26 अक्टूबर को देहरादून में

21वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन 25 और 26 अक्टूबर को देहरादून में

21वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन 25–26 अक्टूबर, 2026 को यूकॉस्ट, देहरादून में आयोजित होगा- प्रो. दुर्गेश पंत प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक, यूकास्ट ने बताया किउत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा 25 एवं 26 अक्टूबर, 2026 को विज्ञान धाम, यूकॉस्ट, देहरादून में 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन का आयोजन किया…

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से दिव्यांग युवाओं के लिए आसान हुई IAS-PCS बनने की राह, गांवों में बैठे मिल रही मुफ्त कोचिंग – badhtauttarakhand

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देहरादून : दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून के यमुना कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चकराता रोड स्थित एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी सील कर प्रयोगशाला भेजा गया। इसके अलावा तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी मिलने तथा सुधार संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने, सिरप भी जांच के दायरे में

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र की टीम ने यमुना कॉलोनी स्थित एडीज बेकरी का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए हेज़लनट चॉकलेट केक और क्रीम के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त प्रिंसटिन ब्रांड के पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी जांच के लिए सील किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण में दस्तावेजों की कमी भी आई सामने

विभागीय जानकारी के अनुसार, एडीज बेकरी के निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रख रही हैं।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी, निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई

इसी अभियान के तहत तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी पाए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार, पहले संबंधित प्रतिष्ठान को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक रसोई का संचालन स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कैफे संचालक ने इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 और 58 के अंतर्गत वाद दायर करने की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कार्यदिवस में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी, देहरादून के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय करना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। विभाग का यह अभियान त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई – विनय शंकर पांडे

आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला जांच में नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी पर सख्ती, निर्देशों की अनदेखी पर मुकदमे की तैयारी आयुक्त विनय शंकर पांडे की दो टूक – जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं देहरादून : दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी…

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उत्तराखंड में राज्य स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता आयोजित, 12 जनपदों के विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग – badhtauttarakhand

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विश्व ट्रॉमा दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विशेषज्ञों ने साझा कीं महत्वपूर्ण जानकारियां, ट्रॉमा केयर में समय पर उपचार और त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप जीवन बचाने में अहम – badhtauttarakhand

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  • आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।

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डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने किया बीन नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण, फरवरी 2027 तक पूरा होगा निर्माण, 82 गांवों को मिलेगी राहत – badhtauttarakhand

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केदारनाथ : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की 20 वर्षीय क्रिकेटर रीतिका रावत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रीतिका का चयन उत्तराखण्ड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली रीतिका ने तमाम चुनौतियों के बीच क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को कायम रखा और लगातार अभ्यास कर इस मुकाम तक पहुंचीं। उनकी सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

 

रीतिका के पिता महेंद्र सिंह रावत केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन का कार्य करते हैं, जबकि उनकी माता अरुणा देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रीतिका ने अपने खेल को निखारने के लिए कड़ी मेहनत की। शुरुआती दौर में उन्होंने खेतों में अभ्यास कर गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।

 

बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी है खासियत

रीतिका बाएं हाथ से ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी करती हैं। उन्होंने पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, ऊखीमठ से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मदमहेश्वर क्रिकेट एकेडमी में कोच गणेश वर्मा के मार्गदर्शन में क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। फिलहाल वह देहरादून की निंबस क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।

 

23 अक्टूबर को पुणे के लिए होंगी रवाना

उत्तराखण्ड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में जगह मिलने के बाद रीतिका के पास राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर है। आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए वह 23 अक्टूबर को टीम के साथ पुणे रवाना होंगी। यह चयन उनके क्रिकेट करियर में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

 

रीतिका की इस कामयाबी पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रीतिका राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड और रुद्रप्रयाग का नाम रोशन करेंगी।

 

संघर्ष से सफलता तक का सफर

रीतिका की उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। उनका सफर बताता है कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के सहारे मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।

केदारनाथ : केदारघाटी के रामपुर-न्यालसू गांव की 20 वर्षीय क्रिकेटर रीतिका रावत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रीतिका का चयन उत्तराखण्ड की सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। साधारण परिवार से आने वाली रीतिका ने तमाम चुनौतियों के बीच क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को कायम…

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  • 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक दो चरणों में होंगे कार्यक्रम.
  • सभी 13 जिलों में निकाली जाएंगी पदयात्राएं.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर चुनावी हार स्वीकार न करने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा प्रदेशभर में 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत सभी 13 जिलों में पदयात्राएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

गुरुवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में धामी ने बताया कि अभियान दो चरणों में संचालित होगा। पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है। चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत का दावा करना और हारने पर चुनाव आयोग तथा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता या संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी उसकी ‘थूकने वाली यात्रा’ निकल चुकी है और जनता उसके परिणाम देख चुकी है।

श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर में होंगी पदयात्राएं

धामी ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 31 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल, 2 नवंबर को देहरादून और 3 नवंबर को ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। देहरादून की पदयात्रा में दस हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। अन्य जिलों में भी कार्यक्रमों के जरिए जनता से संवाद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ा है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय नकारात्मक राजनीति और भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है।

कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लंबे समय से चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पार्टी को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि हर बार संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनादेश का सम्मान और संवैधानिक परंपराओं का पालन जरूरी है।

धामी ने युवाओं को राजनीतिक टकराव और अराजकता की ओर धकेलने के प्रयासों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए। भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां बदलाव का रास्ता संविधान तथा जनता के जनादेश से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की अहम भूमिका होगी।

कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन मुद्दों पर न्याय दिलाने की बात कर रही है और उसके पास क्या ठोस कार्ययोजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों और प्रमाणों के बजाय अपुष्ट आरोपों के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भ्रामक प्रचार और सामाजिक विभाजन की कोशिशों को सफल नहीं होने देगी।

वायरल ऑडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच पर जोर

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के भाई से जुड़े वायरल ऑडियो प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की पार्टी स्तर पर भी जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और किसी के साथ अन्याय न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित के साथ खड़ी है और न्याय तथा निष्पक्षता सर्वोपरि हैं।

धामी ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का विश्वास, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और जनादेश की स्वीकार्यता है।

22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक दो चरणों में होंगे कार्यक्रम. सभी 13 जिलों में निकाली जाएंगी पदयात्राएं. देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर चुनावी हार स्वीकार न करने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा प्रदेशभर में…

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गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में घर में आग लगने की सूचना मिलते ही मंदिर ड्यूटी पर तैनात महिला फायर कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस कंट्रोल रूम के पास बामणी गांव में आग की घटना पर एफएम रश्मि और सुदाक्षी ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर फायर उपकरणों से आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। दोनों की तत्परता और सूझबूझ से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।

गुरुवार को बामणी गांव के एक घर में अचानक आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही दोनों महिला फायर कर्मी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। आपात स्थिति में उन्होंने फायर उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाने के लिए तेजी से कार्रवाई की। उनकी मुस्तैदी से आग को फैलने से रोकने में मदद मिली। घटना के दौरान महिला फायर कर्मियों ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सराहना की।

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में घर में आग लगने की सूचना मिलते ही मंदिर ड्यूटी पर तैनात महिला फायर कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस कंट्रोल रूम के पास बामणी गांव में आग की घटना पर एफएम रश्मि और सुदाक्षी ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर फायर उपकरणों से आग बुझाने की कार्रवाई शुरू…

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  • तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी पर सख्ती, निर्देशों की अनदेखी पर मुकदमे की तैयारी
  • आयुक्त विनय शंकर पांडे की दो टूक – जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

देहरादून : दीपावली और त्योहारों के मद्देनजर उत्तराखंड में मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निगरानी तेज कर दी है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर बुधवार, 21 अक्टूबर को देहरादून के यमुना कॉलोनी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चकराता रोड स्थित एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी सील कर प्रयोगशाला भेजा गया। इसके अलावा तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी मिलने तथा सुधार संबंधी निर्देशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

एडीज बेकरी से केक और क्रीम के नमूने, सिरप भी जांच के दायरे में

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र की टीम ने यमुना कॉलोनी स्थित एडीज बेकरी का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए हेज़लनट चॉकलेट केक और क्रीम के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त प्रिंसटिन ब्रांड के पैक्ड फूड सिरप का नमूना भी जांच के लिए सील किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण में दस्तावेजों की कमी भी आई सामने

विभागीय जानकारी के अनुसार, एडीज बेकरी के निरीक्षण के दौरान पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रख रही हैं।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी, निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई

इसी अभियान के तहत तमटारा कैफे की रसोई और स्टोर में गंदगी पाए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार, पहले संबंधित प्रतिष्ठान को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक रसोई का संचालन स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कैफे संचालक ने इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 और 58 के अंतर्गत वाद दायर करने की स्वीकृति दी गई है। विभाग के मुताबिक, अगले कार्यदिवस में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी, देहरादून के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय करना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। विभाग का यह अभियान त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के प्रति जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई – विनय शंकर पांडे

आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रयोगशाला जांच में नमूने अधोमानक या असुरक्षित पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तमटारा कैफे की रसोई में गंदगी पर सख्ती, निर्देशों की…
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  • आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।

आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर…