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श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल ताराकुंड को पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य डॉ. शिव चरण नौडियाल ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

 

मंदिर परिसर में आयोजित खुली चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने ताराकुंड के विकास से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे। उन्होंने सड़क संपर्क को सुचारू बनाने, झील के सौंदर्यीकरण, विश्राम गृह एवं ध्यान केंद्र के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ताराकुंड को पर्यटन एवं तीर्थाटन सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में ताराकुंड को बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, राजराजेश्वरी देवी मंदिर देवलगढ़, कमलेश्वर महादेव और मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और डॉ. तेजा ने लखनऊ में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (आईएएसओ) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन की क्विज प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम और द्वितीय पुरस्कार जीतकर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआर) का नाम रोशन किया। दोनों प्रशिक्षुओं को पदक प्रदान किए गए। डॉ. कनिका को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ समीक्षक के रूप में सम्मानित किया गया।

ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग को आईएएसओ के स्वर्ण जयंती समारोह में सोसाइटी की पत्रिका में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

एसजीआरआर के अध्यक्ष, श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने पुरस्कार विजेताओं और विभाग को आशीर्वाद एवं बधाई दी। डॉ. गर्ग ने अध्यक्ष महोदय के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाग की बढ़ती पहचान को दर्शाती

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देहरादून : प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सहकारिता मंत्री ने प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में नवंबर माह में किसानों के लिए वृहद ऋण मेलों के आयोजन की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने तथा उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना होना चाहिए।

बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति तथा भारत सरकार की ‘धरती माता’ सॉइल टेस्टिंग योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और उनका लाभ अधिकाधिक किसानों एवं आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी कार्ययोजना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक है।

22 अक्टूबर तक तैयारियों की होगी समीक्षा

सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देशित किया कि 22 अक्टूबर तक संबंधित योजनाओं और प्रस्तावित किसान ऋण मेलों की तैयारियों की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें। सभी अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना होमवर्क पूरा कर लें, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

नवंबर में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के एजेंडे की तैयारी के निर्देश

बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी बिंदुओं पर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। संबंधित योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट, आवश्यक विवरण और विभागीय प्रस्ताव व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाएं, ताकि बैठक में प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और सहकारी क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक मोनिका चुनेरा, राजेश चौहान उपस्थित रहे।

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श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल ताराकुंड को पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य डॉ. शिव चरण नौडियाल ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

 

मंदिर परिसर में आयोजित खुली चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने ताराकुंड के विकास से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे। उन्होंने सड़क संपर्क को सुचारू बनाने, झील के सौंदर्यीकरण, विश्राम गृह एवं ध्यान केंद्र के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ताराकुंड को पर्यटन एवं तीर्थाटन सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में ताराकुंड को बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, राजराजेश्वरी देवी मंदिर देवलगढ़, कमलेश्वर महादेव और मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और डॉ. तेजा ने लखनऊ में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (आईएएसओ) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन की क्विज प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम और द्वितीय पुरस्कार जीतकर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआर) का नाम रोशन किया। दोनों प्रशिक्षुओं को पदक प्रदान किए गए। डॉ. कनिका को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ समीक्षक के रूप में सम्मानित किया गया।

ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग को आईएएसओ के स्वर्ण जयंती समारोह में सोसाइटी की पत्रिका में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

एसजीआरआर के अध्यक्ष, श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने पुरस्कार विजेताओं और विभाग को आशीर्वाद एवं बधाई दी। डॉ. गर्ग ने अध्यक्ष महोदय के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाग की बढ़ती पहचान को दर्शाती

देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और…
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देहरादून : प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सहकारिता मंत्री ने प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में नवंबर माह में किसानों के लिए वृहद ऋण मेलों के आयोजन की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने तथा उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना होना चाहिए।

बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति तथा भारत सरकार की ‘धरती माता’ सॉइल टेस्टिंग योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और उनका लाभ अधिकाधिक किसानों एवं आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी कार्ययोजना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक है।

22 अक्टूबर तक तैयारियों की होगी समीक्षा

सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देशित किया कि 22 अक्टूबर तक संबंधित योजनाओं और प्रस्तावित किसान ऋण मेलों की तैयारियों की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें। सभी अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना होमवर्क पूरा कर लें, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

नवंबर में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के एजेंडे की तैयारी के निर्देश

बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी बिंदुओं पर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। संबंधित योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट, आवश्यक विवरण और विभागीय प्रस्ताव व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाएं, ताकि बैठक में प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और सहकारी क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक मोनिका चुनेरा, राजेश चौहान उपस्थित रहे।

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श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल ताराकुंड को पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य डॉ. शिव चरण नौडियाल ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

 

मंदिर परिसर में आयोजित खुली चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने ताराकुंड के विकास से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे। उन्होंने सड़क संपर्क को सुचारू बनाने, झील के सौंदर्यीकरण, विश्राम गृह एवं ध्यान केंद्र के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ताराकुंड को पर्यटन एवं तीर्थाटन सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में ताराकुंड को बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, राजराजेश्वरी देवी मंदिर देवलगढ़, कमलेश्वर महादेव और मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल ताराकुंड को पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना…

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ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग को आईएएसओ के स्वर्ण जयंती समारोह में सोसाइटी की पत्रिका में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

एसजीआरआर के अध्यक्ष, श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने पुरस्कार विजेताओं और विभाग को आशीर्वाद एवं बधाई दी। डॉ. गर्ग ने अध्यक्ष महोदय के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाग की बढ़ती पहचान को दर्शाती

देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और डॉ. तेजा ने लखनऊ में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (आईएएसओ) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन की क्विज प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम और द्वितीय पुरस्कार जीतकर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआर) का नाम रोशन किया। दोनों प्रशिक्षुओं को पदक…

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एसआईटी की गहन जांच और प्रभावी पैरवी से दोषियों को आजीवन कठोर कारावास; प्रकरण में सीबीआई जांच भी जारी – badhtauttarakhand

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एसआईटी की गहन जांच और प्रभावी पैरवी से दोषियों को आजीवन कठोर कारावास; प्रकरण में सीबीआई जांच भी जारी – badhtauttarakhand

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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से संवरा धुंगसरी गांव के गोविंद जोशी का भविष्य, डेयरी से हर माह कमा रहे 60 हजार – badhtauttarakhand

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देहरादून : प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सहकारिता मंत्री ने प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में नवंबर माह में किसानों के लिए वृहद ऋण मेलों के आयोजन की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने तथा उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना होना चाहिए।

बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति तथा भारत सरकार की ‘धरती माता’ सॉइल टेस्टिंग योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और उनका लाभ अधिकाधिक किसानों एवं आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी कार्ययोजना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक है।

22 अक्टूबर तक तैयारियों की होगी समीक्षा

सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देशित किया कि 22 अक्टूबर तक संबंधित योजनाओं और प्रस्तावित किसान ऋण मेलों की तैयारियों की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें। सभी अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना होमवर्क पूरा कर लें, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

नवंबर में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के एजेंडे की तैयारी के निर्देश

बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी बिंदुओं पर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। संबंधित योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट, आवश्यक विवरण और विभागीय प्रस्ताव व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाएं, ताकि बैठक में प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और सहकारी क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक मोनिका चुनेरा, राजेश चौहान उपस्थित रहे।

देहरादून : प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछली…

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पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनभावनाओं में संतुलन बनाकर तैयार किये जाए ईको-सेंसेटिव जोन के प्रस्ताव – प्रमुख सचिव आरके सुधांशु – badhtauttarakhand

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अंकिता भंडारी हत्याकांड : एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने दी जांच और न्यायिक कार्रवाई की विस्तृत जानकारी – badhtauttarakhand

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‎सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने रानीचौरी में आयोजित किसान मेले में किया प्रतिभाग, विभिन्न विभागों के स्टॉलों का किया निरीक्षण – badhtauttarakhand

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देहरादून। उत्तराखंड शासन के सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सचिव दीपक कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक संवाद किया। भेंट के दौरान दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई।

देहरादून। उत्तराखंड शासन के सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सचिव दीपक कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक संवाद किया। भेंट के दौरान दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई।

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  • 800 काश्तकारों के लिए खुले बड़े बाजार के द्वार 

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली की कीवी अब दिल्ली के बड़े बाजार में अपनी जगह बनाने की ओर बढ़ चली है। जिले से पहली बार 200 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजी गई है। इससे स्थानीय काश्तकारों को अपनी उपज के विपणन के लिए बड़े बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। अब तक स्थानीय स्तर पर बिक्री पर निर्भर रहने वाले किसानों के लिए यह पहल नए खरीदारों तक पहुंचने की राह खोल सकती है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने विकास भवन परिसर से कीवी की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिले में मिशन कीवी के तहत उत्पादन बढ़ाने के साथ अब उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध कराने और पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाने की उम्मीद है।

 

800 किसान, 62 हेक्टेयर में कीवी उत्पादन

चमोली जिले में मिशन कीवी के तहत करीब 800 काश्तकार 62 हेक्टेयर भूमि पर कीवी का उत्पादन कर रहे हैं। इस वर्ष जिले में 500 कुंतल से अधिक कीवी पैदा हुई है। ऐसे में कुल उत्पादन के एक बड़े हिस्से को दिल्ली की आजादपुर मंडी तक पहुंचाने की पहल की गई है। उत्पादन के साथ बाजार तक पहुंच मजबूत होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के नए विकल्प मिल सकते हैं।

सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों को कीवी उत्पादन में तकनीकी सहयोग और पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विपणन से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसानों को उत्पादन के बाद उपज बेचने के लिए बाजार तलाशने में परेशानी न हो।

 

400 नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य

मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह के अनुसार, जिले में कीवी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2026-27 में 60 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में इसकी खेती का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत करीब 400 नए किसानों को कीवी उत्पादन से जोड़ने की योजना है। हावर्ड्स, एलिसन, मॉन्टी, ब्रूनो, एबॉट और लिमोन एलिना समेत विभिन्न प्रजातियों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

उत्पादन के साथ बाजार पर नजर

चमोली की कीवी का आजादपुर मंडी तक पहुंचना जिले की बागवानी के लिए अहम पहल है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता किसानों को मिलने वाले दाम, परिवहन लागत और नियमित खरीदारों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। यदि बड़े बाजार में लगातार मांग और बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित होती है, तो कीवी उत्पादन का विस्तार स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

800 काश्तकारों के लिए खुले बड़े बाजार के द्वार  गोपेश्वर (चमोली)। चमोली की कीवी अब दिल्ली के बड़े बाजार में अपनी जगह बनाने की ओर बढ़ चली है। जिले से पहली बार 200 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजी गई है। इससे स्थानीय काश्तकारों को अपनी उपज के विपणन के लिए बड़े बाजार तक…

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श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल ताराकुंड को पर्यटन और तीर्थाटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत सैकड़ों ग्रामीणों के साथ पदयात्रा कर ताराकुंड पहुंचे। उन्होंने मां तारा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आचार्य डॉ. शिव चरण नौडियाल ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

 

मंदिर परिसर में आयोजित खुली चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने ताराकुंड के विकास से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे। उन्होंने सड़क संपर्क को सुचारू बनाने, झील के सौंदर्यीकरण, विश्राम गृह एवं ध्यान केंद्र के निर्माण तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों के सुझावों पर चर्चा करते हुए कहा कि ताराकुंड को पर्यटन एवं तीर्थाटन सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकास कार्यों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में ताराकुंड को बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, राजराजेश्वरी देवी मंदिर देवलगढ़, कमलेश्वर महादेव और मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ तीर्थाटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल के पौराणिक एवं धार्मिक स्थल…
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देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और डॉ. तेजा ने लखनऊ में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (आईएएसओ) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन की क्विज प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम और द्वितीय पुरस्कार जीतकर श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआर) का नाम रोशन किया। दोनों प्रशिक्षुओं को पदक प्रदान किए गए। डॉ. कनिका को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ समीक्षक के रूप में सम्मानित किया गया।

ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग को आईएएसओ के स्वर्ण जयंती समारोह में सोसाइटी की पत्रिका में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

एसजीआरआर के अध्यक्ष, श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने पुरस्कार विजेताओं और विभाग को आशीर्वाद एवं बधाई दी। डॉ. गर्ग ने अध्यक्ष महोदय के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाग की बढ़ती पहचान को दर्शाती

देहरादून : एमसीएच ऑन्कोलॉजी के प्रशिक्षु डॉ. दिव्या सेंगर और…
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देहरादून : प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सहकारिता मंत्री ने प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में नवंबर माह में किसानों के लिए वृहद ऋण मेलों के आयोजन की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ने तथा उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना होना चाहिए।

बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति तथा भारत सरकार की ‘धरती माता’ सॉइल टेस्टिंग योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और उनका लाभ अधिकाधिक किसानों एवं आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की सफलता के लिए प्रभावी कार्ययोजना, नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक है।

22 अक्टूबर तक तैयारियों की होगी समीक्षा

सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देशित किया कि 22 अक्टूबर तक संबंधित योजनाओं और प्रस्तावित किसान ऋण मेलों की तैयारियों की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें। सभी अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना होमवर्क पूरा कर लें, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

नवंबर में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की बैठक के एजेंडे की तैयारी के निर्देश

बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नवंबर माह में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे से संबंधित सभी बिंदुओं पर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। संबंधित योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट, आवश्यक विवरण और विभागीय प्रस्ताव व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाएं, ताकि बैठक में प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और सहकारी क्षेत्र के विकास को सरकार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक मोनिका चुनेरा, राजेश चौहान उपस्थित रहे।

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