उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर एमडीडीए का कड़ा एक्शन, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर शिकंजा, 7 स्थानों पर कार्रवाई – badhtauttarakhand
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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के राइका देवखाल में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, लैंगिक अपराधों से बचाव और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर आयोजित कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शांति राणा ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। बच्चों को पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत संरक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में सहायता लेने के बारे में बताया गया। मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने तथा निजी जानकारी और पासवर्ड सुरक्षित रखने के तरीके समझाए गए। विद्यार्थियों को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को किसी भी तरह के शोषण या उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के लिए भी जागरूक किया गया।
विद्यालय में विद्यार्थियों को लगातार जागरूक करने के लिए नशा विरोधी क्लब और विधिक साक्षरता क्लब गठित हैं। इनके माध्यम से बाल अधिकारों, कानूनी जागरूकता, नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ की भावना के अनुरूप जनपद में पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में अभियान के तहत विभागीय टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे पात्र लोगों की पहचान कर रही हैं, जो जानकारी के अभाव, आवश्यक अभिलेखों की कमी अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाने के कारण पेंशन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्तियों को पेंशन के लिए स्वयं कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी या आवेदन संबंधी कठिनाइयों के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर छूटे हुए पात्र लोगों की जानकारी जुटायी जा रही है। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के आवश्यक अभिलेख पूरे कराने, ऑनलाइन आवेदन करने, सत्यापन तथा स्वीकृति की प्रक्रिया में भी सहयोग दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जुलाई माह में आयोजित बैठक में समाज कल्याण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि पेंशन योजनाओं का लाभ देने के लिए केवल आवेदनों की प्रतीक्षा न की जाए, बल्कि स्वयं पहल करते हुए पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाए और उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पात्र व्यक्तियों तक पहुंचकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है, जो किसी कारणवश स्वयं आवेदन नहीं कर सकते। विभागीय स्तर पर आवेदन संबंधी औपचारिकताओं में सहयोग देने के साथ ही अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी भी की जा रही है।
अभियान के तहत ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों एवं अन्य संबंधित कार्मिकों के सहयोग से घर-घर जाकर पेंशन से वंचित पात्र व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। इसके बाद सहायक समाज कल्याण अधिकारियों के माध्यम से उनके आवेदन कराए गए तथा आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आवश्यक दस्तावेज जुटाने, अभिलेखों की जांच एवं पात्रता सत्यापन सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं। विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा आवेदनों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि जनपद में संचालित पेंशन संतृप्तिकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 551 पात्र व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 397, किसान पेंशन के 49, दिव्यांग पेंशन के 45 तथा निराश्रित विधवा महिला पेंशन के 60 लाभार्थी शामिल हैं। चिन्हित सभी 551 व्यक्तियों के पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घर-घर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए पात्र व्यक्तियों की पहचान और आवेदन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय के साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या आवेदन संबंधी परेशानी के कारण पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औषधि विभाग ने शनिवार को केंद्रीय औषधि भंडार गोपेश्वर का निरीक्षण किया। औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने छह औषधियों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय विश्लेषणशाला, देहरादून भेजे हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान औषधियों के भंडारण, रख-रखाव और वितरण से जुड़े अभिलेखों की जांच की गई। औषधि निरीक्षक ने दवाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रखने और भंडारण व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण और नमूना जांच का उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापरक एवं सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान मुख्य फार्मेसी अधिकारी रमेश नेगी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।




