शारदीय नवरात्रि में पूरण सिंह भंडारी ने राज्य शहीदों के सपने पूरा करने का माँ भगवती से मांगा आशीर्वाद – badhtauttarakhand
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देहरादून : उत्तराखण्ड के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय ने 9 अक्टूबर को विद्यालयी शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत विद्यार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा की ओर से विद्यालयी शिक्षा विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर शासनादेश जारी करने को कहा गया है। साथ ही, इसकी जानकारी जल्द मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घोषणा पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जा सके।

विद्यार्थियों से संवाद के दौरान की थी घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद किया था। इस दौरान हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधनों की जरूरत का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने राजकीय विद्यालयों के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की घोषणा की थी।
बैंक खातों में आएगी रकम, राशि का इंतजार
योजना के तहत विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए सीधे बैंक खाते में धनराशि दी जाएगी। हालांकि, प्रति विद्यार्थी मिलने वाली सहायता राशि, कुल लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। इनका विवरण शिक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाले शासनादेश या दिशा-निर्देशों में सामने आने की उम्मीद है।
डिजिटल पढ़ाई में मिलेगी मदद
टैबलेट से विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेक्चर, डिजिटल नोट्स और अन्य शैक्षणिक सामग्री का उपयोग करने में मदद मिल सकती है। खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र में घोषणा संख्या 955/2026 का उल्लेख किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि सचिव वित्त, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक और प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भी भेजी गई है। अब योजना को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई और शासनादेश जारी होने का इंतजार है।
देहरादून : उत्तराखण्ड की होनहार युवा शतरंज खिलाड़ी काया ध्यानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक जीता है। मलेशिया में 4 से 12 अक्टूबर तक आयोजित पहले कॉमनवेल्थ स्कूल चेस टूर्नामेंट 2026 में काया ने अंडर-11 गर्ल्स रैपिड चेस श्रेणी में सिल्वर मेडल हासिल किया। महज 11 साल की उम्र में मिली इस उपलब्धि से देहरादून सहित पूरे उत्तराखण्ड में खुशी का माहौल है।
देहरादून के सीजेएम स्कूल में पढ़ने वाली काया ने 5 अक्टूबर को रैपिड चेस के मुकाबले संपन्न होने के बाद यह पदक अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में कॉमनवेल्थ देशों के स्कूली खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में हिस्सा ले रहे हैं। काया ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा के दम पर अंडर-11 गर्ल्स वर्ग में जगह बनाई और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया।
काया की इस सफलता की खास बात यह है कि वह पढ़ाई और शतरंज दोनों में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। कम उम्र में खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना उनकी मेहनत और लगन को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतना उनके शतरंज करियर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से परिवार और स्कूल में भी उत्साह है।
अब क्लासिकल चेस में दिखाएंगी दम
रैपिड चेस में पदक जीतने के बाद काया की अगली चुनौती क्लासिकल चेस चैंपियनशिप है। टूर्नामेंट में क्लासिकल मुकाबलों की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो रही है, जिसमें वह एक बार फिर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। रैपिड चेस की तुलना में क्लासिकल प्रारूप में खिलाड़ियों को अधिक समय मिलता है। इसमें गहरी रणनीति, धैर्य और सोच-समझकर चाल चलना अहम होता है।
काया के पिता पंकज ध्यानी के अनुसार, रैपिड चेस में सिल्वर मेडल जीतने के बाद काया का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब उनकी कोशिश क्लासिकल चेस में भी अच्छा प्रदर्शन करने की होगी।
काया ध्यानी की यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। 11 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। अब सभी की नजरें क्लासिकल चेस में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, विशिष्ट खानपान, प्राकृतिक सौंदर्य, अनछुए पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच और युवाओं की रचनात्मक क्षमता के माध्यम से उत्तराखण्ड की पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री धामी शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखण्ड-2026’ कार्यक्रम में राज्य के प्रमुख सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से संवाद कर रहे थे ।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड से जुड़े देश-विदेश में लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, अभिनेता, गायक तथा फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं और कलाकारों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभव सुने, विभिन्न विषयों पर पूछे गए सवालों के सहजता और विस्तार से जवाब दिए तथा उनकी रचनात्मकता, उपलब्धियों और प्रदेश के प्रति जुड़ाव की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने केवल सरकार की योजनाओं और नीतियों की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि अपने व्यक्तिगत अनुभवों, राजनीतिक निर्णयों के पीछे की सोच, उत्तराखण्ड के विकास की संभावनाओं और भविष्य के विजन को भी साझा किया। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स को प्रदेश की विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया और कहा कि उनकी पहुंच, रचनात्मकता तथा डिजिटल माध्यमों पर लोगों के विश्वास का उपयोग उत्तराखण्ड की सकारात्मक पहचान को मजबूत करने में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन की संभावनाएं केवल मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रसिद्ध स्थलों तक सीमित नहीं हैं। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक ऐसे प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन स्थल हैं, जिनके बारे में देश-दुनिया के बहुत से लोग अभी पर्याप्त जानकारी नहीं रखते। मिलम और पिंडारी ग्लेशियर, चकराता, माणा, मलारी तथा अनेक दूसरे स्थलों को डिजिटल माध्यमों से पहचान दिलाकर पर्यटन के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स की एक प्रभावशाली वीडियो, रील या यात्रा-कथा किसी ऐसे गांव अथवा पर्यटन स्थल को नई पहचान दे सकती है, जिसकी संभावनाओं से अभी बहुत कम लोग परिचित हैं। इससे पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे उत्तराखण्ड की वास्तविक सुंदरता, स्थानीय लोगों की जीवनशैली, सांस्कृतिक विविधता और प्रदेश की सकारात्मक उपलब्धियों को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत करें। कंटेंट बनाते समय तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। केवल कुछ समय के लिए अधिक व्यूज प्राप्त करने के उद्देश्य से भ्रामक अथवा विवादित जानकारी प्रसारित करने से बचना चाहिए। दीर्घकालीन सफलता का आधार विश्वसनीयता, तथ्यपरकता और दर्शकों का विश्वास है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्तराखण्ड की महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय शिल्पकारों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया इनके लिए बाजार तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने, उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग को बेहतर बनाने तथा उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट्स’ जैसी पहल भी स्थानीय विशिष्टताओं को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय कुम्हारों, शिल्पकारों, पारंपरिक धातु के बर्तन बनाने वाले कारीगरों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सकती है। इससे उनकी आय बढ़ाने, पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
कंटेंट क्रिएटर्स ने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, कानून व्यवस्था, रिवर्स माइग्रेशन, पहाड़ में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सभी सवालों के विस्तार से जवाब दिए। उत्तराखण्ड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने संबंधी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विवाह पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इस दिशा में पहले से काम कर रही है। त्रियुगीनारायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशिष्ट महत्व रखता है। इसके अतिरिक्त मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, रामनगर, मुक्तेश्वर और अन्य क्षेत्रों में भी विवाह समारोहों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। राज्य में नए वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित करने और संबंधित सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे उत्तराखण्ड के प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिवेश को विवाह पर्यटन के लिए उपयुक्त गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करें।
मुंबई सहित फिल्म जगत से जुड़े उत्तराखण्ड के कलाकारों ने प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर फिल्म निर्माण की सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में संभावनाओं पर काम करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को नई पहचान देने, चकराता और हनोल जैसे क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने तथा नए गंतव्यों को सामने लाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक हैं। सरकार बुनियादी सुविधाओं, संपर्क मार्गों और पर्यटन संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कंटेंट क्रिएटर्स के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने सहजता से अपनी जीवन यात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों से सीखने की क्षमता जरूरी है। युवाओं को अपनी पृष्ठभूमि या संसाधनों की सीमाओं को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी ताकत बनाना चाहिए।
हरिद्वार में मां गंगा के तट पर आयोजित होने वाले कुंभ को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को कुंभ की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को सकारात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन, यूट्यूबर सौरव जोशी, अवंतिका भट्ट, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर तनु रावत, आरजे काव्या, प्रियंका कंडवाल और आशा नेगी सहित उत्तराखण्ड के विभिन्न प्रमुख कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स, गायक, अभिनेता तथा फिल्म जगत से जुड़ी अन्य प्रतिभाएं उपस्थित रहीं।



