यमकेश्वर के सिरासू को पर्यटन हब बनाने की तैयारी, वाटर पार्क से कॉटेज तक विकसित होंगी सुविधाएं, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने किया क्षेत्र का भ्रमण, राफ्टिंग-बोटिंग की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देश – badhtauttarakhand
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लैंसडाउन : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के कुशल निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 12 मार्च 2026 को कोतवाली लैंसडाउन पुलिस एवं सीआईयू टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान के दौरान दो वाहनों से कुल 90 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। उक्त मामले में नशा सप्लायरों एवं मुख्य तस्करों सहित कुल 07 अभियुक्तों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने एक अन्य अभियुक्त आत्मप्रकाश को 28 सितंबर को मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था।
अभियुक्तों की आपराधिक गतिविधियों, पूर्व आपराधिक इतिहास एवं संगठित रूप से गैंग बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के तथ्यों के आधार पर 7 सितंबर को अनुमोदित गैंगचार्ट के आधार पर कोतवाली लैंसडाउन में मु0अ0सं0-20/2026, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत गैंग लीडर लव कुमार एवं उसके 07 अन्य साथियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। उक्त गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त आत्मप्रकाश, निवासी मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को मा0 न्यायायलय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पंजीकृत अभियोग
मु0अ0सं0- 20/2026, धारा 2/3 उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम 1986
नाम पता अभियुक्त
आत्मप्रकाश पुत्र सुरेश कुमार निवासी सब्जी मण्डी कांठ रोड मुरादाबाद उ0प्र0 उम्र 40 वर्ष
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट का वितरण भी किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना आवश्यक हो, उनके संबंध में शिकायतकर्ता को स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अनेक नई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज देश विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही पात्र नागरिकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझे और उनका समाधान सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण योजनाओं से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार जनसेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सरकारी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने तथा आपसी संवाद बढ़ाने में इस प्रकार के शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके और जरूरतमंद लोगों को उचित उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से बहुउद्देशीय शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त देहरादून आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। रानीपुर थाने में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को शनिवार, 10 अक्टूबर को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी दो पक्षों के बीच चल रहे लेन-देन के विवाद में समझौता कराने और मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रुपये मांग रही थी।
1064 पर की गई थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता का दूसरे पक्ष के साथ लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इस मामले को उसके पक्ष में सुलझाने और समझौता कराने के लिए रानीपुर थाने में तैनात एएसआई सोनिया ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने उत्तराखंड सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के सत्यापन के बाद गठित हुई ट्रैप टीम
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
10 हजार रुपये लेते ही की गई कार्रवाई
शनिवार को सतर्कता विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए महिला एएसआई सोनिया को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
रिश्वत मांगने पर 1064 पर करें शिकायत
सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की जा सकती है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।



