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गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चमोली में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अब ये ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।

जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर एवं मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने प्रमुख जनगणना अधिकारी और जिला जनगणना अधिकारी ने दिशा निर्देशन में प्रशिक्षण दिया। इसमें जनगणना की प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनपद में एक दिसम्बर से चार जनवरी तक जनगणना कार्य होगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। चार  जनवरी को शाम चार बजे से रात 12 बजे तक बेघर व्यक्तियों की गणना की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान सहायक भूलेख अधिकारी राकेश पल्लव, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अमन कुमार और गौरव पुरोहित ने जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के अनुपालन, प्रशिक्षण प्रक्रिया और गणना कार्य के प्रभावी संचालन की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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  • ‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण

टिहरी : जनपद में फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए संचालित क्रॉप कटिंग प्रयोगों के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शुक्रवार को नागणी क्षेत्रांतर्गत ग्राम जड़धार में धान की फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं क्रॉप कटिंग कराकर प्राप्त उपज का जायजा लिया तथा संबंधित कृषक से फसल की स्थिति और उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।

‎राजस्व विभाग की ओर से कृषक कुलदीप थापा के खेत में 6×5 वर्ग मीटर और 10×3 वर्ग मीटर के दो प्लॉट तैयार किए गए थे। इनसे क्रमशः 21 किलो 700 ग्राम और 18 किलो 800 ग्राम धान प्राप्त हुआ। पहले प्लॉट से प्राप्त उपज में से 5 किलो धान अलग रखा गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल को सुखाने के बाद 15 दिन पश्चात उपज का वास्तविक आकलन किया जाएगा। क्रॉप कटिंग प्रयोग की प्रक्रिया सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से दर्ज की गई।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्मिकों से धान की किस्म और बीज के संबंध में जानकारी लेते हुए क्रॉप कटिंग प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शिता एवं सटीकता से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों की औसत उपज और कुल उत्पादन का आकलन किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा तथा फसल बीमा की राशि निर्धारित करने में भी किया जाता है।
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‎निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने उनके समक्ष क्षतिग्रस्त गूल के पुनर्निर्माण की मांग रखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इच्छुक किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ‎इस अवसर पर कानूनगो चंबा महिपाल पुंडीर, पटवारी धनपाल मेहरा, दिनेश काला, भुवनेश प्रसाद सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

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  • बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून स्थित स्थल पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कार्यों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

MDDA की ओर से उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए। प्राधिकरण ने मामले में वाद योजित करते हुए नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।

सुनवाई में नहीं मिले संतोषजनक जवाब

प्राधिकरण की ओर से उक्त मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष की ओर से व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, निर्माण को लेकर दिया गया प्रतिउत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया। आवश्यक दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई की। इसके तहत मौके पर किए गए अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी

MDDA की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर निगरानी रखी जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक अथवा अन्य निर्माण किए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। MDDA की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा पास कराए निर्माण पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी

उपाध्यक्ष MDDA बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति को प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही शुरू करें।

स्वीकृति के अभिलेख नहीं मिले, सुनवाई में जवाब भी असंतोषजनक – मोहन सिंह बर्निया

सचिव MDDA मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव स्थित मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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  • ‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

टिहरी : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करने तथा विगत निर्वाचन में कम मतदान वाले बूथों पर विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।

‎सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की बैठकों में स्वीप की शपथ दिलाने, पात्र लोगों के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए फार्म-6 भरवाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां होंगी

‎शिक्षा विभाग को विद्यालयों में रैली, नुक्कड़ नाटक, शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों को 31 अक्टूबर तक कम से कम एक गतिविधि आयोजित कर उससे संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने को कहा गया। उत्कृष्ट गतिविधियां आयोजित करने वाले विद्यालयों को राज्य स्थापना दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। महाविद्यालयों में प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए कैंपस एंबेसडर भी बनाए जाएंगे।

‎युवक-महिला मंगल दलों को भी जिम्मेदारी

‎जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग को युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों के माध्यम से प्रत्येक माह कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विकासखंड से एक महिला मंगल दल और एक युवक मंगल दल की उत्कृष्ट गतिविधि का चयन कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों को विकासखंडों के खाली भवनों पर मतदाता जागरूकता संबंधी पेंटिंग कराने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

‎वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की बनेगी सूची

‎समाज कल्याण विभाग को वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की सूची तैयार करने और उनके लिए एंबेसडर नामित करने के निर्देश दिए गए, जो संबंधित मतदाताओं की आवश्यकताओं एवं मतदान संबंधी जानकारी का ध्यान रखेंगे। लीड बैंक अधिकारी को बैंकों तथा डाकघरों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सूची उपलब्ध कराने और इनके माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया।

‎अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

‎स्वास्थ्य विभाग को एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली पर्चियों पर स्वीप से संबंधित जागरूकता स्लोगन अंकित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उपचार के लिए आने वाले लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचे। खेल विभाग को खेल गतिविधियों के दौरान मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाने और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।

‎सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने और आयोजित गतिविधियों की प्रगति का विवरण संकलित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निष्पक्ष, समावेशी एवं गैर-पक्षपातपूर्ण होने चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके।

‎बैठक में जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी, एलडीएम मनीष मिश्रा, डीओ पीआरडी रविंद्र फोनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चमोली में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अब ये ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।

जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर एवं मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने प्रमुख जनगणना अधिकारी और जिला जनगणना अधिकारी ने दिशा निर्देशन में प्रशिक्षण दिया। इसमें जनगणना की प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनपद में एक दिसम्बर से चार जनवरी तक जनगणना कार्य होगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। चार  जनवरी को शाम चार बजे से रात 12 बजे तक बेघर व्यक्तियों की गणना की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान सहायक भूलेख अधिकारी राकेश पल्लव, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अमन कुमार और गौरव पुरोहित ने जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के अनुपालन, प्रशिक्षण प्रक्रिया और गणना कार्य के प्रभावी संचालन की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न…
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  • ‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण

टिहरी : जनपद में फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए संचालित क्रॉप कटिंग प्रयोगों के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शुक्रवार को नागणी क्षेत्रांतर्गत ग्राम जड़धार में धान की फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं क्रॉप कटिंग कराकर प्राप्त उपज का जायजा लिया तथा संबंधित कृषक से फसल की स्थिति और उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।

‎राजस्व विभाग की ओर से कृषक कुलदीप थापा के खेत में 6×5 वर्ग मीटर और 10×3 वर्ग मीटर के दो प्लॉट तैयार किए गए थे। इनसे क्रमशः 21 किलो 700 ग्राम और 18 किलो 800 ग्राम धान प्राप्त हुआ। पहले प्लॉट से प्राप्त उपज में से 5 किलो धान अलग रखा गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल को सुखाने के बाद 15 दिन पश्चात उपज का वास्तविक आकलन किया जाएगा। क्रॉप कटिंग प्रयोग की प्रक्रिया सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से दर्ज की गई।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्मिकों से धान की किस्म और बीज के संबंध में जानकारी लेते हुए क्रॉप कटिंग प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शिता एवं सटीकता से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों की औसत उपज और कुल उत्पादन का आकलन किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा तथा फसल बीमा की राशि निर्धारित करने में भी किया जाता है।
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‎निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने उनके समक्ष क्षतिग्रस्त गूल के पुनर्निर्माण की मांग रखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इच्छुक किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ‎इस अवसर पर कानूनगो चंबा महिपाल पुंडीर, पटवारी धनपाल मेहरा, दिनेश काला, भुवनेश प्रसाद सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय…
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  • बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून स्थित स्थल पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कार्यों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

MDDA की ओर से उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए। प्राधिकरण ने मामले में वाद योजित करते हुए नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।

सुनवाई में नहीं मिले संतोषजनक जवाब

प्राधिकरण की ओर से उक्त मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष की ओर से व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, निर्माण को लेकर दिया गया प्रतिउत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया। आवश्यक दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई की। इसके तहत मौके पर किए गए अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी

MDDA की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर निगरानी रखी जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक अथवा अन्य निर्माण किए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। MDDA की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा पास कराए निर्माण पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी

उपाध्यक्ष MDDA बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति को प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही शुरू करें।

स्वीकृति के अभिलेख नहीं मिले, सुनवाई में जवाब भी असंतोषजनक – मोहन सिंह बर्निया

सचिव MDDA मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव स्थित मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड…
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  • ‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

टिहरी : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करने तथा विगत निर्वाचन में कम मतदान वाले बूथों पर विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।

‎सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की बैठकों में स्वीप की शपथ दिलाने, पात्र लोगों के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए फार्म-6 भरवाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां होंगी

‎शिक्षा विभाग को विद्यालयों में रैली, नुक्कड़ नाटक, शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों को 31 अक्टूबर तक कम से कम एक गतिविधि आयोजित कर उससे संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने को कहा गया। उत्कृष्ट गतिविधियां आयोजित करने वाले विद्यालयों को राज्य स्थापना दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। महाविद्यालयों में प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए कैंपस एंबेसडर भी बनाए जाएंगे।

‎युवक-महिला मंगल दलों को भी जिम्मेदारी

‎जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग को युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों के माध्यम से प्रत्येक माह कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विकासखंड से एक महिला मंगल दल और एक युवक मंगल दल की उत्कृष्ट गतिविधि का चयन कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों को विकासखंडों के खाली भवनों पर मतदाता जागरूकता संबंधी पेंटिंग कराने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

‎वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की बनेगी सूची

‎समाज कल्याण विभाग को वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की सूची तैयार करने और उनके लिए एंबेसडर नामित करने के निर्देश दिए गए, जो संबंधित मतदाताओं की आवश्यकताओं एवं मतदान संबंधी जानकारी का ध्यान रखेंगे। लीड बैंक अधिकारी को बैंकों तथा डाकघरों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सूची उपलब्ध कराने और इनके माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया।

‎अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

‎स्वास्थ्य विभाग को एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली पर्चियों पर स्वीप से संबंधित जागरूकता स्लोगन अंकित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उपचार के लिए आने वाले लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचे। खेल विभाग को खेल गतिविधियों के दौरान मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाने और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।

‎सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने और आयोजित गतिविधियों की प्रगति का विवरण संकलित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निष्पक्ष, समावेशी एवं गैर-पक्षपातपूर्ण होने चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके।

‎बैठक में जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी, एलडीएम मनीष मिश्रा, डीओ पीआरडी रविंद्र फोनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे…
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गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चमोली में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अब ये ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।

जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर एवं मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने प्रमुख जनगणना अधिकारी और जिला जनगणना अधिकारी ने दिशा निर्देशन में प्रशिक्षण दिया। इसमें जनगणना की प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनपद में एक दिसम्बर से चार जनवरी तक जनगणना कार्य होगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। चार  जनवरी को शाम चार बजे से रात 12 बजे तक बेघर व्यक्तियों की गणना की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान सहायक भूलेख अधिकारी राकेश पल्लव, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अमन कुमार और गौरव पुरोहित ने जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के अनुपालन, प्रशिक्षण प्रक्रिया और गणना कार्य के प्रभावी संचालन की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चमोली में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अब ये ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर…

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‎सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल सील, ‎आपातकालीन चिकित्सा उपकरण न मिलने और पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर प्रशासन की कार्रवाई – badhtauttarakhand

‎सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल सील, ‎आपातकालीन चिकित्सा उपकरण न मिलने और पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर प्रशासन की कार्रवाई – badhtauttarakhand

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  • ‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण

टिहरी : जनपद में फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए संचालित क्रॉप कटिंग प्रयोगों के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शुक्रवार को नागणी क्षेत्रांतर्गत ग्राम जड़धार में धान की फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं क्रॉप कटिंग कराकर प्राप्त उपज का जायजा लिया तथा संबंधित कृषक से फसल की स्थिति और उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।

‎राजस्व विभाग की ओर से कृषक कुलदीप थापा के खेत में 6×5 वर्ग मीटर और 10×3 वर्ग मीटर के दो प्लॉट तैयार किए गए थे। इनसे क्रमशः 21 किलो 700 ग्राम और 18 किलो 800 ग्राम धान प्राप्त हुआ। पहले प्लॉट से प्राप्त उपज में से 5 किलो धान अलग रखा गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल को सुखाने के बाद 15 दिन पश्चात उपज का वास्तविक आकलन किया जाएगा। क्रॉप कटिंग प्रयोग की प्रक्रिया सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से दर्ज की गई।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्मिकों से धान की किस्म और बीज के संबंध में जानकारी लेते हुए क्रॉप कटिंग प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शिता एवं सटीकता से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों की औसत उपज और कुल उत्पादन का आकलन किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा तथा फसल बीमा की राशि निर्धारित करने में भी किया जाता है।
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‎निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने उनके समक्ष क्षतिग्रस्त गूल के पुनर्निर्माण की मांग रखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इच्छुक किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ‎इस अवसर पर कानूनगो चंबा महिपाल पुंडीर, पटवारी धनपाल मेहरा, दिनेश काला, भुवनेश प्रसाद सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण टिहरी : जनपद में फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए संचालित क्रॉप कटिंग प्रयोगों के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शुक्रवार को नागणी क्षेत्रांतर्गत ग्राम जड़धार में धान की फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय…

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एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया तहसील जाखणीधार का निरीक्षण, अभिलेखों के रखरखाव और व्यवस्थाओं का लिया जायजा – badhtauttarakhand

एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया तहसील जाखणीधार का निरीक्षण, अभिलेखों के रखरखाव और व्यवस्थाओं का लिया जायजा – badhtauttarakhand

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  • बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून स्थित स्थल पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कार्यों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

MDDA की ओर से उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए। प्राधिकरण ने मामले में वाद योजित करते हुए नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।

सुनवाई में नहीं मिले संतोषजनक जवाब

प्राधिकरण की ओर से उक्त मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष की ओर से व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, निर्माण को लेकर दिया गया प्रतिउत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया। आवश्यक दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई की। इसके तहत मौके पर किए गए अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी

MDDA की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर निगरानी रखी जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक अथवा अन्य निर्माण किए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। MDDA की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा पास कराए निर्माण पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी

उपाध्यक्ष MDDA बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति को प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही शुरू करें।

स्वीकृति के अभिलेख नहीं मिले, सुनवाई में जवाब भी असंतोषजनक – मोहन सिंह बर्निया

सचिव MDDA मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव स्थित मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से…

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  • ‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

टिहरी : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करने तथा विगत निर्वाचन में कम मतदान वाले बूथों पर विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।

‎सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की बैठकों में स्वीप की शपथ दिलाने, पात्र लोगों के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए फार्म-6 भरवाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां होंगी

‎शिक्षा विभाग को विद्यालयों में रैली, नुक्कड़ नाटक, शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों को 31 अक्टूबर तक कम से कम एक गतिविधि आयोजित कर उससे संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने को कहा गया। उत्कृष्ट गतिविधियां आयोजित करने वाले विद्यालयों को राज्य स्थापना दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। महाविद्यालयों में प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए कैंपस एंबेसडर भी बनाए जाएंगे।

‎युवक-महिला मंगल दलों को भी जिम्मेदारी

‎जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग को युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों के माध्यम से प्रत्येक माह कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विकासखंड से एक महिला मंगल दल और एक युवक मंगल दल की उत्कृष्ट गतिविधि का चयन कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों को विकासखंडों के खाली भवनों पर मतदाता जागरूकता संबंधी पेंटिंग कराने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

‎वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की बनेगी सूची

‎समाज कल्याण विभाग को वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की सूची तैयार करने और उनके लिए एंबेसडर नामित करने के निर्देश दिए गए, जो संबंधित मतदाताओं की आवश्यकताओं एवं मतदान संबंधी जानकारी का ध्यान रखेंगे। लीड बैंक अधिकारी को बैंकों तथा डाकघरों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सूची उपलब्ध कराने और इनके माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया।

‎अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

‎स्वास्थ्य विभाग को एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली पर्चियों पर स्वीप से संबंधित जागरूकता स्लोगन अंकित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उपचार के लिए आने वाले लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचे। खेल विभाग को खेल गतिविधियों के दौरान मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाने और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।

‎सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने और आयोजित गतिविधियों की प्रगति का विवरण संकलित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निष्पक्ष, समावेशी एवं गैर-पक्षपातपूर्ण होने चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके।

‎बैठक में जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी, एलडीएम मनीष मिश्रा, डीओ पीआरडी रविंद्र फोनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन टिहरी : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) गतिविधियों…

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राज्यपाल के रूप में गुरमीत सिंह का कार्यकाल उत्तराखण्ड के विकास, शिक्षा, युवा प्रोत्साहन और महिला सशक्तीकरण के लिए रहा महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री धामी – badhtauttarakhand

राज्यपाल के रूप में गुरमीत सिंह का कार्यकाल उत्तराखण्ड के विकास, शिक्षा, युवा प्रोत्साहन और महिला सशक्तीकरण के लिए रहा महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री धामी – badhtauttarakhand

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गढ़वाल विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर में कंपनियों ने लिए साक्षात्कार, रोजगार के साथ कौशल विकास के अवसरों से भी जुड़े युवा – badhtauttarakhand

गढ़वाल विश्वविद्यालय के बीजीआर परिसर में कंपनियों ने लिए साक्षात्कार, रोजगार के साथ कौशल विकास के अवसरों से भी जुड़े युवा – badhtauttarakhand

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हरिद्वार। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘नशामुक्त देवभूमि मिशन’ और ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना झबरेड़ा पुलिस ने 15 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर ग्राम हीराहेड़ी जाने वाले रास्ते के पास से आरोपी देवेंद्र को 52 टेट्रा पैक देशी शराब के साथ पकड़ा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध शराब की बिक्री और तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में झबरेड़ा पुलिस ने सूचना मिलने पर ग्राम हीराहेड़ी मार्ग के पास कार्रवाई की और देवेंद्र को शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया।

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र का निवासी है आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेंद्र पुत्र संतरपाल, निवासी हथियाथल, कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से 52 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल रामबीर और हेड कांस्टेबल गजपाल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान के तहत कार्रवाई जारी है।

हरिद्वार। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘नशामुक्त देवभूमि मिशन’ और ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना झबरेड़ा पुलिस ने 15 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर ग्राम हीराहेड़ी जाने वाले रास्ते के पास से आरोपी देवेंद्र…

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या वर्तमान 526 से बढ़ाकर 2000 किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। इसके तहत 1474 अतिरिक्त पद अन्य संवर्गों एवं शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

 

इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के तथा कुल स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि किए बिना, वर्तमान में कार्यरत 1210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन और भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का पृथक प्रस्ताव उपलब्ध कराने की शर्त पर सहमति व्यक्त की गई है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, वर्तमान में कार्यरत अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन तथा उनके लिए भविष्य में पदोन्नति के अवसरों की व्यवस्था करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। हमारी सरकार का उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है।’

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या वर्तमान 526 से बढ़ाकर 2000 किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। इसके तहत 1474 अतिरिक्त पद अन्य संवर्गों एवं शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है।   इस संबंध में कार्मिक…

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गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चमोली में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित जिला सभागार में 33 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अब ये ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।

जिला जनगणना मास्टर ट्रेनर एवं मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने प्रमुख जनगणना अधिकारी और जिला जनगणना अधिकारी ने दिशा निर्देशन में प्रशिक्षण दिया। इसमें जनगणना की प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनपद में एक दिसम्बर से चार जनवरी तक जनगणना कार्य होगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण किया जाएगा। चार  जनवरी को शाम चार बजे से रात 12 बजे तक बेघर व्यक्तियों की गणना की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान सहायक भूलेख अधिकारी राकेश पल्लव, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अमन कुमार और गौरव पुरोहित ने जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के अनुपालन, प्रशिक्षण प्रक्रिया और गणना कार्य के प्रभावी संचालन की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न…
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  • ‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय निरीक्षण

टिहरी : जनपद में फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए संचालित क्रॉप कटिंग प्रयोगों के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शुक्रवार को नागणी क्षेत्रांतर्गत ग्राम जड़धार में धान की फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं क्रॉप कटिंग कराकर प्राप्त उपज का जायजा लिया तथा संबंधित कृषक से फसल की स्थिति और उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।

‎राजस्व विभाग की ओर से कृषक कुलदीप थापा के खेत में 6×5 वर्ग मीटर और 10×3 वर्ग मीटर के दो प्लॉट तैयार किए गए थे। इनसे क्रमशः 21 किलो 700 ग्राम और 18 किलो 800 ग्राम धान प्राप्त हुआ। पहले प्लॉट से प्राप्त उपज में से 5 किलो धान अलग रखा गया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल को सुखाने के बाद 15 दिन पश्चात उपज का वास्तविक आकलन किया जाएगा। क्रॉप कटिंग प्रयोग की प्रक्रिया सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से दर्ज की गई।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्मिकों से धान की किस्म और बीज के संबंध में जानकारी लेते हुए क्रॉप कटिंग प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शिता एवं सटीकता से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों की औसत उपज और कुल उत्पादन का आकलन किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा तथा फसल बीमा की राशि निर्धारित करने में भी किया जाता है।
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‎निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने उनके समक्ष क्षतिग्रस्त गूल के पुनर्निर्माण की मांग रखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इच्छुक किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ‎इस अवसर पर कानूनगो चंबा महिपाल पुंडीर, पटवारी धनपाल मेहरा, दिनेश काला, भुवनेश प्रसाद सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

‎जड़धार गांव में धान की क्रॉप कटिंग का किया स्थलीय…
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  • बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून स्थित स्थल पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कार्यों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

MDDA की ओर से उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए। प्राधिकरण ने मामले में वाद योजित करते हुए नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।

सुनवाई में नहीं मिले संतोषजनक जवाब

प्राधिकरण की ओर से उक्त मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष की ओर से व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, निर्माण को लेकर दिया गया प्रतिउत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया। आवश्यक दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई की। इसके तहत मौके पर किए गए अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी

MDDA की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर निगरानी रखी जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक अथवा अन्य निर्माण किए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। MDDA की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा पास कराए निर्माण पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी

उपाध्यक्ष MDDA बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति को प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही शुरू करें।

स्वीकृति के अभिलेख नहीं मिले, सुनवाई में जवाब भी असंतोषजनक – मोहन सिंह बर्निया

सचिव MDDA मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव स्थित मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड…
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  • ‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

टिहरी : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में मतदाता जागरूकता बढ़ाने और मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) गतिविधियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अभियान संचालित करने तथा विगत निर्वाचन में कम मतदान वाले बूथों पर विशेष रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए।

‎सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना और स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की बैठकों में स्वीप की शपथ दिलाने, पात्र लोगों के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए फार्म-6 भरवाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां होंगी

‎शिक्षा विभाग को विद्यालयों में रैली, नुक्कड़ नाटक, शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालयों को 31 अक्टूबर तक कम से कम एक गतिविधि आयोजित कर उससे संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने को कहा गया। उत्कृष्ट गतिविधियां आयोजित करने वाले विद्यालयों को राज्य स्थापना दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। महाविद्यालयों में प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए कैंपस एंबेसडर भी बनाए जाएंगे।

‎युवक-महिला मंगल दलों को भी जिम्मेदारी

‎जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग को युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों के माध्यम से प्रत्येक माह कम से कम एक स्वीप गतिविधि आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विकासखंड से एक महिला मंगल दल और एक युवक मंगल दल की उत्कृष्ट गतिविधि का चयन कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों को विकासखंडों के खाली भवनों पर मतदाता जागरूकता संबंधी पेंटिंग कराने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

‎वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की बनेगी सूची

‎समाज कल्याण विभाग को वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं की सूची तैयार करने और उनके लिए एंबेसडर नामित करने के निर्देश दिए गए, जो संबंधित मतदाताओं की आवश्यकताओं एवं मतदान संबंधी जानकारी का ध्यान रखेंगे। लीड बैंक अधिकारी को बैंकों तथा डाकघरों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सूची उपलब्ध कराने और इनके माध्यम से मतदाता जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया।

‎अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे स्वीप के स्लोगन

‎स्वास्थ्य विभाग को एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली पर्चियों पर स्वीप से संबंधित जागरूकता स्लोगन अंकित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उपचार के लिए आने वाले लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचे। खेल विभाग को खेल गतिविधियों के दौरान मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाने और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।

‎सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने और आयोजित गतिविधियों की प्रगति का विवरण संकलित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम निष्पक्ष, समावेशी एवं गैर-पक्षपातपूर्ण होने चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके।

‎बैठक में जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी, एलडीएम मनीष मिश्रा, डीओ पीआरडी रविंद्र फोनिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

‎स्कूल-कॉलेजों में नियमित गतिविधियां, अस्पतालों की पर्चियों पर लिखे जाएंगे…