दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, सिल्ली-अगस्त्यमुनि-विजयनगर में 5 नमूने भरे, एक्सपायरी जीरा-पापड़ मौके पर नष्ट – badhtauttarakhand
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गोपेश्वर (चमोली)। राजकीय इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग में भूगोल प्रवक्ता एवं एनसीसी अधिकारी कैप्टन रामलाल आर्य के आकस्मिक निधन पर कांग्रेसजनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित कांग्रेस कार्यालय में शोकसभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कैप्टन रामलाल आर्य दशोली विकासखंड की ग्रामसभा सैकोट के निवासी थे। वह क्षेत्र पंचायत सदस्य विनीता देवी के पति थे। उनके आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। कांग्रेसजनों ने उन्हें प्रतिष्ठित, विद्वान, मृदुभाषी, सरल स्वभाव और ऊर्जावान व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षक और एनसीसी अधिकारी के रूप में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कहा कि कैप्टन आर्य का व्यक्तित्व बहुमुखी प्रतिभा से परिपूर्ण था। वह अपने व्यवहार, कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव के कारण लोगों के बीच विशेष पहचान रखते थे। उनका असमय निधन शिक्षा जगत, सामाजिक क्षेत्र और क्षेत्रवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान और व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा। शोकसभा में कांग्रेसजनों ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंवार, नगर अध्यक्ष धीरेन्द्र गरोड़िया, गिरीश आर्य, भगत कनियाल, राजेंद्र सिंह रावत, कुंवर सिंह भंडारी, दर्शन लाल, राकेश बिष्ट, सूरज टकोला, भक्ति लाल, हीरालाल रुद्रीयाल, जयपाल कोहली, प्रताप लाल आदि मौजूद रहे।
टिहरी : श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के IQAC, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार एवं यूकॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार, 3 नवंबर को “जलवायु परिवर्तन और आपदा रोधी पर्यटन के लिए डिजिटल एजेंडा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता” (CEDRT-2026) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश के माध्यम से सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी एवं अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हिमालयी क्षेत्रों के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में पर्यटन को सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं सतत बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीक का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। वहीं प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने पर्यटन विकास में पर्यावरणीय संतुलन, वहन क्षमता (Carrying Capacity) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार एवं शोध प्रस्तुत किए। जापान के प्रो. शुन्साकू हाशिमोटो ने पर्यटन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं मानव-केंद्रित हॉस्पिटैलिटी पर व्याख्यान दिया। प्रो. हरीश चंद्र नैनवाल ने जलवायु परिवर्तन एवं हिमालयी पर्यटन की चुनौतियों, प्रो. एम.पी.एस. बिष्ट ने अवैज्ञानिक विकास से उत्पन्न आपदाओं तथा प्रो. डी.पी. डोभाल ने हिमालयी ग्लेशियरों एवं उनसे संबंधित आपदाओं के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त प्रो. डोडी एवं प्रो. डी.पी. डोभाल सहित अन्य विशेषज्ञों ने पर्यटन स्थलों की वहन क्षमता, जलवायु परिवर्तन के कारण ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती संवेदनशीलता, हिमालयी विज्ञान तथा आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों तथा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य डिजिटल तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान तलाशना तथा हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम के अंत में परिसर निदेशक प्रो. एस. रावत ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। मंच का सफल संचालन डॉ. प्रीति खंडूरी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रो. एस.पी. सती, पी.के. सिंह, प्रो. विजय श्रीवास्तव, प्रो. धर्मेंद्र तिवारी, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. वी.डी. पांडे, प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. स्मिता बडोला, डॉ. सीमा बेनीवाल, डॉ. गौरव वाष्णेय, डॉ. राकेश जोशी, डॉ. शालिनी रावत, डॉ. दीपा शर्मा सहित विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
- हरक सिंह नेगी बोले नैनीसार से सिडकुल तक अपने शासनकाल के भूमि आवंटन का हिसाब दे कांग्रेस
- धामी सरकार ने 13 हजार एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड में कांग्रेस के भूमि बचाओ अभियान पर भाजपा ने पलटवार किया है। दर्जाधारी राज्यमंत्री हरक सिंह नेगी ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटन और कथित अनियमितताओं को लेकर 20 सवाल उठाए। उन्होंने अभियान को राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि भूमि संरक्षण की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल के विवादित फैसलों का हिसाब जनता को देना चाहिए।
नेगी ने नैनीसार, धौलास, टाटा मोटर्स-सिडकुल भूमि आवंटन, नदी तटवर्ती क्षेत्रों की जमीन, एसडीएम-74 प्रकरण और सिडकुल में कथित 500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में नैनीसार की 7.061 हेक्टेयर पंचायत भूमि महज 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 वर्ष के लिए लीज पर दी गई थी। इसके विरोध में 381 लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भूमि आवंटित करने वाली कांग्रेस आज किस आधार पर भूमि बचाने की बात कर रही है।
धौलास प्रकरण का उल्लेख करते हुए नेगी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान के नाम पर करीब 20 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति दी गई थी, लेकिन फरवरी 2026 की प्रशासनिक जांच में जमीन 15 लोगों को बेचे जाने और छोटे भूखंडों में बांटकर करीब 80 खरीदारों तक पहुंचाने का मामला सामने आया। भाजपा ने वर्ष 2006 में पंतनगर में टाटा मोटर्स को 975.44 एकड़ जमीन 125 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से आवंटित किए जाने पर भी सवाल उठाए।
नेगी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। उन्होंने सात हजार बीघा जमीन बेचने के कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा कि इस संबंध में केवल तीन बोलियां प्राप्त हुई हैं और किसी को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाओं का विरोध कर स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित करने का आरोप लगाया। पार्टी ने वर्ष 2025 के पर्यटन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 6.03 करोड़ यात्रियों का आगमन हुआ, जबकि करीब 1.93 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे। ऐसे में पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निवेश जरूरी है।
नेगी ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की ओर से अदाणी समूह के 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का स्वागत करने और कर्नाटक में एविएशन पार्क के लिए 1,777 एकड़ जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव का उल्लेख कर कांग्रेस की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस को अपने शासनकाल का विकास और रोजगार रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
इस दौरान जिला महामंत्री विनोद कनवासी, महेंद्र सिंह राणा, गोविंद बजवाल, विपिन कंडारी, बद्री रावत, यशप्रताप सिंह, आयुष गौड़, गजेंद्र असवाल, अरविंद कुंवर, महावीर फरस्वाण, प्रशांत बिष्ट आदि मौजूद रहे।



