देहरादून। वनस्पतिशास्त्री डाॅ.इंद्रेश कुमार पांडेय को उनके लेखन सहयोग के लिए साईं सृजन पटल द्वारा ‘लेखक श्री सम्मान’ प्रदान किया गया। पटल के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थापक प्रो.के.एल.तलवाड़ ने उन्हें सम्मान चिन्ह और पत्रिकाओं का एक सेट भेंट कर शुभकामनाएं दी।
डाॅ. इंद्रेश कुमार पांडेय वर्तमान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग चमोली में वनस्पति विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। मूलरूप से प्रयागराज (इलाहाबाद) के निवासी डाॅ.पांडेय उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण, वनसंपदा और स्थानीय उत्पादों मौलिक लेखन के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका के विभिन्न अंकों में उनके डेढ़ दर्जन से अधिक लेख सचित्र प्रकाशित हो चुके हैं। मिलेट्स, चीड़, कौणी, बुरांश, ईको-टूरिज्म, वनाग्नि, बद्री गाय, बुग्याल, हुड़किया बौल, खस, हिमालय दिवस, सीबकथाॅर्न (अमेश), जी.आई.टैग, थुनेर, बिच्छू घास (कंडाली) और पंय्यां पर लिखे लेखों के माध्यम से उन्होंने पाठकों को अत्यंत ज्ञानवर्धक जानकारी उपलब्ध करवाई है। अप्रैल अंक में प्रकाशित होने वाला उनका लेख ‘लेंटाना’ पर केंद्रित है।
‘लेखक श्री सम्मान’ पाने पर डाॅ.पांडेय ने पटल का धन्यवाद करते हुए कहा कि मात्र पौने दो वर्ष में ही ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका उत्तराखंड में लेखन और सृजन का एक सशक्त माध्यम बन गई है। उप संपादक अंकित तिवारी,सह संपादक अमन तलवाड़, लेखिका नीलम तलवाड़ और इंसाइडी क्रिएटिव मीडिया के सीईओ अक्षत ने डाॅ. पांडेय को शुभकामनाएं दी हैं।

