उत्तरकाशी। मुख्य चुनाव आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग ज्ञानेश कुमार शनिवार को सीमांत जिले के पोलिंग बूथों और विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का जायजा लेने उत्तरकाशी पहुंचे। उन्होंने भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत गांव हर्षिल एवं गंगोत्री में मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर मिंटो देवी के कार्यों की न केवल समीक्षा की,बल्कि उनकी कार्यकुशलता और तकनीकी समझ की जमकर तारीफ भी की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मिंटो देवी जिस तरह स्मार्टफोन पर ‘बीएलओ ऐप’ का इस्तेमाल कर मतदाता सूची के शुद्धीकरण का काम कर रही हैं,वह बेहद सराहनीय है।
‘स्मार्ट’ तकनीक से मतदाता सूची का शुद्धीकरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बीएलओ मिंटो देवी ऐप के जरिए मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एसआईआर कार्य को बखूबी अंजाम दे रही हैं। वे सूची में अनुपस्थित, अन्य जगह स्थानांतरित, मृतक, डुप्लीकेट और विदेशी नागरिक मतदाताओं को हटाने के साथ ही वे क्षेत्र के उन युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का काम भी मुस्तैदी से कर रही हैं, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या जिनका नाम किन्हीं कारणों से छूट गया था।
चुनाव आयोग ने किया सेल्यूट
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मिंटो देवी जैसे बीएलओ की कर्तव्यनिष्ठा को चुनाव आयोग सेल्यूट करता है। मुझे पूरी उम्मीद और विश्वास है कि देश भर के सभी बीएलओ इनसे प्रेरणा लेंगे और इसी तरह पूरी क्षमता व तकनीक के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त, साधु-संतों के लोकतांत्रिक जज्बे को सराहा
मुख्य चुनाव आयुक्त ने गंगोत्री पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया। उन्होंने साधु-संतों और संन्यासी मतदाताओं के साथ काफी देर तक संवाद किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दुर्गम परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बीच भी देश के चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए संतों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोलिंग बूथ जहाँ शत-प्रतिशत मतदाता केवल साधना में लीन रहने वाले साधु-संत हैं, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और ताकत की अनूठी मिसाल है।इससे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मां गंगा के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम,संयुक्त सचिव निर्वाचन किशन सिंह नेगी,एडीएम मुक्ता मिश्र,एसडीएम शालिनी नेगी,जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली,महाप्रबंधक उद्योग शैली डबराल,सीओ जनक पंवार,सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा,जय पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने हर्षिल में खरीदी पारंपरिक टोपी
उत्तरकाशी। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हर्षिल बाजार में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए यहाँ की पारंपरिक पहाड़ी टोपी खरीदी। क्षेत्रीय संस्कृति और हस्तशिल्प के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्होंने न केवल स्वयं के लिए यह टोपी ली, बल्कि अपने साथ मौजूद अधिकारियों और सहयोगियों के लिए भी स्थानीय टोपियां खरीदी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हर्षिल जैसे सीमांत क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। साथ ही ये सीधे तौर पर स्थानीय लोगों की आजीविका और स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस सरल और प्रेरणादायक कदम की स्थानीय जनता और व्यापारियों ने भी जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने उच्च पद पर आसीन अधिकारी द्वारा जमीनी स्तर पर स्थानीय संस्कृति को इस तरह बढ़ावा देने से सीमांत क्षेत्रों के कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्पियों का मनोबल बढ़ेगा।
