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द पेस्टल वीड स्कूल ने भव्यता के साथ मनाया 35वाँ स्थापना दिवस

द पेस्टल वीड स्कूल ने भव्यता के साथ मनाया 35वाँ स्थापना दिवस


देहरादून। द पेस्टल वीड स्कूल, देहरादू ने  35वाँ स्थापना दिवस  बुधवार को अत्यंत उत्साह, गरिमा और भव्यता के साथ मनाया।  वार्षिकोत्सव का मुख्य विषय “अनेकता में एकता – Unity in Diversity” रहा। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक रोशनी, रंग-बिरंगी रंगोलियों, बैनरों तथा भारतीय संस्कृति के विविध रंगों से खूबसूरती से सजाया गया था। यह समारोह केवल एक शिक्षण संस्थान का उत्सव नहीं था, बल्कि विद्यालय की 35 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके दृष्टिकोण, उपलब्धियों और उन अनगिनत सपनों का उत्सव था, जिन्हें इस संस्थान ने अपने आँगन में साकार होने का अवसर दिया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 6:45 बजे मुख्य अतिथि के आगमन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्हें बोर्ड सदस्यों एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों से परिचित कराया गया। औपचारिक स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का परिचय तथा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शोभा विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, मेजर जनरल शाम्मी सभरवाल, अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधन समिति,  सुमिता सभरवाल,  किरण कश्यप निदेशक,  आकाश कश्यप, निदेशक, चिल्ड्रन अकादमी,  राशि कश्यप, निदेशक, द पेस्टल वीड स्कूल,  विनोद शर्मा, बोर्ड सदस्य, जतिन सेठी, प्रधानाचार्य, सेंट कबीर स्कूल, डॉ. अब्दुल कादिर, प्रधानाचार्य, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई।

प्रधानाचार्य डॉ. अब्दुल कादिर ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, खेलकूद में प्राप्त सफलताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आधारभूत संरचना के विकास तथा विद्यालय की समग्र प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा अभिभावकों एवं प्रबंधन के निरंतर सहयोग की सराहना की।

इसके बाद वह बहुप्रतीक्षित क्षण आया, जब विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘VIBRATION’ का विमोचन मुख्य अतिथि एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों द्वारा किया गया। ‘VIBRATION’ विद्यार्थियों के सपनों, विचारों, रचनात्मकता, कविताओं, लेखों, चित्रों एवं उपलब्धियों का एक सुंदर संग्रह है। यह विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति का माध्यम और विद्यालय की रचनात्मक प्रतिभा का प्रतिबिंब है। पत्रिका के विमोचन पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार तालियों के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।

इसके पश्चात वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का उत्साह उस समय चरम पर पहुँच गया, जब सत्र 2025-26 की COC हाउस ट्रॉफी के विजेता की घोषणा की गई। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी सुभाष हाउस ने अपने नाम की। विजेता हाउस के विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का उत्सव बड़े हर्ष और गर्व के साथ मनाया।

इस विशेष अवसर पर विद्यालय ने अपने वास्तविक स्तंभों अर्थात् सहयोगी कर्मचारियों एवं शिक्षकों को भी सम्मानित किया। सहयोगी कर्मचारियों को उनकी निष्ठापूर्ण सेवा, समर्पण, ईमानदारी और अथक परिश्रम के लिए सम्मान प्रदान किया गया। वे प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक विद्यालय की सुरक्षा, स्वच्छता, अनुशासन तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हैं। उन्हें विद्यालय के मूक नायक और विद्यालय की मजबूत नींव बताया गया।

शिक्षकों को भी उनके अथक प्रयासों, मार्गदर्शन एवं विद्यार्थियों के प्रति असीम स्नेह के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कहा गया कि यदि विद्यार्थी राष्ट्र का भविष्य हैं, तो शिक्षक उस भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, गुरु और दूसरे अभिभावक के समान होता है, जो जीवन में सही दिशा दिखाता है। शिक्षकों एवं सहयोगी कर्मचारियों के अमूल्य योगदान के सम्मान में उपस्थित दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया।

इसके पश्चात “अनेकता में एकता” विषय पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक एवं मनोरंजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मधुर हिंदी समूहगान ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और भक्ति भावना से सराबोर कर दिया। इसके बाद भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों से सजी मनमोहक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ।

सबसे पहले ऊर्जावान गुजराती नृत्य ने गुजरात की जीवंत संस्कृति, उमंग और उल्लास को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके बाद पंजाबी नृत्य ने भांगड़ा की जोशीली धुनों, रंग-बिरंगे परिधानों और शानदार ऊर्जा से पूरे वातावरण को पंजाब के उत्साह से भर दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने “I Love To Move It” गीत पर अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी मासूमियत, आत्मविश्वास और प्यारी अदाओं ने सभी का दिल जीत लिया। यह शाम की सबसे पसंदीदा प्रस्तुतियों में से एक रही।

इसके पश्चात असमिया नृत्य के माध्यम से असम की पारंपरिक संस्कृति, मधुर संगीत और सुंदर लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। गढ़वाली नृत्य ने उत्तराखंड, देवभूमि की लोक संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और गौरवशाली परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया। इस प्रस्तुति को स्थानीय दर्शकों ने विशेष तालियों के साथ सराहा।

इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘अनेकता में एकता’ विषय पर आधारित जूनियर स्किट ने एक अत्यंत प्रभावशाली संदेश दिया कि एकता का अर्थ एक जैसा होना नहीं, बल्कि अपनी-अपनी विविधताओं को स्वीकार करते हुए एक साथ खड़े रहना है। नाटक में विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं के सुंदर समन्वय के माध्यम से यह दर्शाया गया कि किस प्रकार अनेक विविधताएँ मिलकर एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती हैं।

राजस्थान की रंग-बिरंगी लोक संस्कृति, शाही परंपराओं और लोक संगीत को दर्शाते हुए राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऊर्जा से भरपूर मराठी नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का एक अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक क्षण भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं पर आधारित ‘कृष्ण अभिनय’ रहा। सुंदर वेशभूषा, भक्तिमय संगीत और प्रभावशाली अभिनय ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक भावनाओं से भर दिया। इस प्रस्तुति में महाभारत के युद्धक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता के उपदेश का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया। मंच पर सजीव हुई इस दिव्य झाँकी को दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर देखा और पूरा सभागार भाव-विभोर हो उठा।

इसके पश्चात मुख्य अतिथि  खजान दास ने अपने प्रेरणादायी विचारों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने डॉ. प्रेम कश्यप, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए इतने सार्थक एवं भव्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण, विविधताओं के सम्मान, राष्ट्रीय एकता और अनुशासन एवं संस्कारों के साथ परिश्रम करने के महत्व पर प्रकाश

डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने तथा उत्तराखंड एवं राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरक शब्दों ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित सभी लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

इसके बाद विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मेजर जनरल शाम्मी सभरवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, बोर्ड सदस्यों, प्रधानाचार्य, शिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन सभी लोगों के प्रयासों की भी विशेष सराहना की, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर इस आयोजन को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। राष्ट्रगान की गूंज ने प्रत्येक हृदय में देशभक्ति, गौरव और राष्ट्रीय एकता कर्की भावना को और प्रबल कर दिया।

यह वार्षिकोत्सव केवल कला एवं संस्कृति का उत्सव नहीं था, बल्कि भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात् सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है की भावना को अभिव्यक्त करने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ। नृत्य, संगीत, नाटक और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने खूबसूरती से यह संदेश दिया कि अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं, खान-पान और परंपराओं के बावजूद हम सभी एक हैं- हम भारतीय हैं।

मंच पर सजी विविध संस्कृतियों के माध्यम से अनेकता में छिपी एकता की भावना सजीव हो उठी। यह भव्य आयोजन उपस्थित सभी लोगों के हृदय में लंबे समय तक अपनी अमिट छाप छोड़ता रहेगा।

 

 

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