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किसान ने खुद को गोली से उड़ाया, आत्महत्या से पहले फेसबुक पर लाइव आकर प्रापर्टी डीलरों और पुलिस पर लगाए गम्भीर आरोप

किसान ने खुद को गोली से उड़ाया, आत्महत्या से पहले फेसबुक पर लाइव आकर प्रापर्टी डीलरों और पुलिस पर लगाए गम्भीर आरोप

नैनीताल। काशीपुर के एक किसान ने हल्द्वानी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या से पहले फेसबुक पर लाइव आकर उसने काशीपुर के कुछ प्रापर्टी डीलरों और पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। वीडियो के माध्यम से किसान ने जनता से अपील की कि उनकी मौत के बाद इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

जानकारी के अनुसार शनिवार रात काशीपुर निवासी सुखंवत सिंह (40) अपनी पत्नी और बच्चे के साथ नैनीताल से वापस लौटते समय गोलापार स्थित एक होटल में ठहरे थे। शनिवार देर रात उसने खुद को गोली मार दी। आत्महत्या करने से पहले वह फेसबुक पर लाइव आया। उसने कहा कि उसके साथ उसकी पत्नी और बच्चे ने भी आत्महत्या कर ली है, हालांकि बताया जा रहा है कि पत्नी और बच्चा गोली क छर्रे लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्तपाल में भर्ती कराया गया है।

सुखवंत सिंह ने लाइव वीडियों में कहा कि काशीपुर के एक गिरोह ने उनके साथ चार करोड़ की धोखाधड़ी की। जमीन के नाम पर तीन करोड़ नगद और एक करोड़ रुपए खाते में लिए, लेकिन जो जमीन दिखाई थी वो नहीं दी। लाइव वीडियो में सुखवंत सिंह ने उधमसिंह नगर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह धोखाधड़ी की शिकायत लेकर थाना आईटीआई काशीपुर गए, लेकिन थानाध्यक्ष ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि वह 17 दिसंबर 2025 के एसएसपी के पास भी गए थे, लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी।

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया में लाइव आरोप लगाने के बाद खुशवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली, जिस कारण खुशवंत सिंह की मौके पर ही मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है कि प्रोपर्टी डीलर से धोखा खाने के चलते सुखवंत सिह लम्बे समय से मानसिक रुप से परेशान चल रहे थे। पुलिस ने खुशवतं सिंह के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त को दिए मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश
देहरादून। किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस दुःखद घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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