देहरादून। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के शिष्टमंडल ने आज सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग में नियुक्त 2013 एवं 2015 बैच के अनेक चिकित्साधिकारी 10 वर्ष की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूर्ण कर चुके हैं। लेकिन, उन्हें आज तक एसीपी का लाभ प्रदान नहीं किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि 2013 एवं 2015 बैच के पात्र चिकित्साधिकारियों को नियमानुसार एसीपी का लाभ प्रदान करने का आदेश निर्गत किया जाए।
शिष्टमंडल ने विभागीय संवर्ग से ही निदेशक/कार्यवाहक निदेशक की नियुक्ति एवं निदेशालय में संयुक्त निदेशक के रिक्त पदों पर वरिष्ठ जिला आयुर्वेदिक अधिकारियों की नियुक्ति करने की भी मांग की। शिष्टमंडल ने कहा कि आयुष विभाग की विशिष्ट कार्यप्रणाली, चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अनुभव को दृष्टिगत रखते हुए निदेशक पद पर नियुक्ति विभागीय संवर्ग से ही की जानी चाहिए, जिससे विभागीय नीतिगत निर्णय अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो सकें।
शिष्टमंडल ने राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में उच्च गुणवत्ता की औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, माह फरवरी 2026 परिवीक्षा अवधि पूर्व कर रहे 2024 बैच के नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों के स्थाईकरण का आदेश जारी करने और एलोपैथिक चिकित्सालय में चल रहे आयुष विंग में बहुउद्देशीय कर्मियों के पदों की स्थापना करते हुए बहुउद्देशीय कर्मियों की नियुक्ति करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में जिला चिकित्सालय, सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर कार्यरत आयुष विंग के चिकित्सा अधिकारियों को निशुल्क पैथोलॉजी जांच करने के लिए अधिकृत करने और पूर्व में एमडी/एमएस अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सा अधिकारियों के लंबित तृतीय वर्ष की अध्ययन अवधि का अवकाश स्वीकृत करवाकर उन्हें एसीपी में सम्मिलित करने, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में वार्षिक अनटाइड फंड की राशि के व्यय हेतु चिकित्सालयों के प्रभारियों की सहमति लेने की व्यवस्था करने की भी मांग की।
इससे पूर्व संघ की बैठक में चिकित्सकों के हितों विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर संघ द्वारा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय में लंबित चिकित्सकों के प्रशिक्षण के टीए/डीए बिल का भुगतान करने और अनिवार्य स्थानांतरण में पारदर्शिता लाने हेतु पृ पृथक सुगम दुर्गम से सेवा अवधि एवं अवकाश अवधि को पटल में दर्ज करने की भी मांग की गई।
बैठक में संघ के अध्यक्ष डॉ नीरज कोहली, महासचिव डॉ हरदेव सिंह रावत, संयोजक डॉ हरिमोहन त्रिपाठी व डॉ हर्ष सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ राम किशोर भट्ट, उपाध्यक्ष डॉ नीतू कार्की, सचिव डॉ दीपक गंगवार, कोषाध्यक्ष डॉ गजेन्द्र सिंह बसेर, मंडलीय सचिव डॉ दुष्यंत पाल, प्रचार सचिव डॉ विवेक सतलेवल, साहित्य सचिव डॉ त्रिभुवन बेंजवाल, प्रवक्ता डॉ भास्कर आनंद शर्मा व डॉ सुगम् तिवारी, आय व्यय निरीक्षक डॉ वीरेंद्र चंद, कार्यालय सचिव डॉ विक्रम रावत, डॉ मनमोहन राना, डॉ विश्वजीत, सदस्य, डॉ नन्द किशोर भट्ट, आदि मौजूद थे।
