उत्तराखंड सरकार ने ऊधम सिंह नगर में एक बड़ी शहरी और औद्योगिक परियोजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 1354.14 एकड़ भूमि पर ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यह जमीन सिडकुल को हस्तांतरित की जाएगी, जो इसे औद्योगिक और आवासीय उपयोग के लिए विकसित करेगा।
कहां बनेगी टाउनशिप?
यह टाउनशिप किच्छा तहसील के छह गांवों—गडरियाबाग, नूरपुर, पंथपुरा, रजपुरा, बंडिया और लक्ष्मीपुर—की जमीन पर बसाई जाएगी। यह भूमि पहले से राज्य सरकार के पास दर्ज थी और अब इसे सिडकुल के हवाले कर दिया गया है ताकि वहां योजनाबद्ध विकास हो सके।
गांववार भूमि विवरण:
- गडरियाबाग: 264.47 एकड़
- नूरपुर: 236.38 एकड़
- पंथपुरा: 137.06 एकड़
- रजपुरा: 272.66 एकड़
- बंडिया: 178.02 एकड़
- लक्ष्मीपुर: 265.31 एकड़
यह पूरी जमीन श्रेणी 5-1 के तहत नवीन परती भूमि मानी गई है, यानी ऐसी भूमि जो अब तक उपयोग में नहीं लाई गई थी।
क्या होगा इस परियोजना से फायदा?
- इस टाउनशिप के माध्यम से क्षेत्र में नए उद्योग, आवासीय कॉलोनियां, सड़कें, और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- ऊधम सिंह नगर के आसपास के क्षेत्रों में निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
- यह परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
औद्योगिक और शहरी विकास को मिलेगी रफ्तार
ग्रीनफील्ड टाउनशिप उत्तराखंड के औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। इससे भविष्य में आईटी कंपनियों, निर्माण उद्योगों और आवासीय योजनाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही, इससे आसपास के गांवों में भी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी।