देहरादून। उत्तराखण्ड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने आज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सचिव, कौशल विकास एंव सेवायोजन से सचिवालय में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को बताया कि वर्तमान में अनुदेशक से कार्यदेशक के पद पर पदोन्नति कोटे से पदोन्नति का रहा। संगठन के प्रान्तीय महामंत्री रविन्द्र सिंह चैहान ने कहा कि वर्तमान में विभाग में कार्यदेशक के लगभग 38-40 पद पदोन्नति कोटे के खाली है। लेकिन निदेशालय द्वारा पदोन्नति कोटे से भरे जाने वाले कार्यदेशक के रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति न करते हुये असंचालित आई0टी0आई0 के नाम पर पदों की कटोंती कर मात्र 16 पदों पर पदोन्नति करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। महामंत्री ने कहा कि 14 वर्षों के सेवा के पश्चात पदोन्नति के पद रिक्त होने के के बावजूद पात्र कार्मिकों की पदोन्नति न होना कार्मिकों के अधिकारों का हनन है।
प्रान्तीय महामंत्री एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष द्वारा यू0के0डब्लू0डी0पी0 एंव अन्य आई0टी0आई0 में डीजीटी भारत सरकार के मानकों के अनुसार आईटीआई में स्वींकृत यूनिटों के अनुसार कार्यदेशक के पद न होने का मामला भी सचिव के संज्ञान में लाया गया। जिस पर सचिव द्वारा इस पर बैठक बुलाकर समीक्षा करने का आश्वासन दिया व संगठन को भी इस प्रकरण पर अपना पक्ष रखने हेतु भविष्य मेें होने वाली बैठक में उपस्थित होने को कहा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कुमार द्वारा पदोन्नति के सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति करने हेतु निदेशालय से पुनः प्रस्ताव बनाने हेतु निदेशक को निर्देश देेने हेतु सचिव से अनुरोध किया। जिस पर सचिव कौशल विकास द्वारा संगठन की हर बात पर विचार करते हुये यह बात स्वींकार की कि पदोन्नति कार्मिक का अधिकार है। अतः इस पर निदेशक प्रशिक्षण से पुनः वार्ता करने हेतु संघ को आश्वस्त किया।
संघ द्वारा सचिव को आश्वस्त किया गया कि प्रशिक्षण के दृष्टिगत जब तक तैनाती नहीं होती पदोन्नति कार्मिक प्रशिक्षण प्रदान करते रहेगे। इसके बाद प्रान्तीय अध्यक्ष एंव कोषाध्यक्ष द्वारा निदेशालय से शासन को भेजे गये पुरानी पेंशन के प्रकरण पर चर्चा की, जिस पर सचिव द्वारा संगठन को अश्वस्त किया गया कि इस पर सकारात्मक दृष्टिकोंण अपनाते हुये कार्य किया जायेगा। प्रान्तीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपेन्द्र रावत ने भी कार्मिकों की पदोन्नति के प्रकरण पर अपनी बात मुखर होकर रखी।