राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश होने के बाद विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने रिपोर्ट को एकतरफा करार देते हुए आरोप लगाया कि उनकी असहमति और डिसेंट नोट को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रिपोर्ट को असंवैधानिक बताते हुए इसे दोबारा जेपीसी को भेजने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि सांसदों की राय को दबाया गया और बाहरी लोगों को स्टेकहोल्डर बनाकर शामिल किया गया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी यही आरोप दोहराया।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की राय को रिपोर्ट में स्थान मिला है। वहीं, जेपीसी चेयरमैन जगदम्बिका पाल ने कहा कि सभी पक्षों की बात सुनी गई और बहुमत के अनुसार निर्णय लिया गया, जो संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा है।