Home » गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के गोपेश्वर महाविद्यालय के पास एक कैफे की रसोई में सोमवार की देर रात को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों और घने धुएं के बीच फायर सर्विस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए रसोई में रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे संभावित विस्फोट और बड़े हादसे का खतरा टल गया। फायर यूनिट ने त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पाया और उसे आसपास के भवनों तक फैलने से रोक दिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार की देर रात को फायर स्टेशन गोपेश्वर को कैफे की रसोई में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर यूनिट मोटर फायर इंजन के साथ मौके पर पहुंची। उस समय रसोई में लगी ग्रिल्ड मशीन धधक रही थी और पूरे क्षेत्र में धुआं फैल रहा था। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर कर्मियों ने मोटर फायर इंजन से होज रील फैलाकर पंपिंग शुरू की और आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया। इसी दौरान रसोई में भरे घने धुएं के बीच जवानों ने जोखिम उठाकर वहां रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला। समय रहते सिलेंडर बाहर निकालने और आग पर काबू पाने से संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। कार्रवाई में प्रशिक्षु एफएसएसओ हिमांशु जोशी, लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक नरेश सिंह तथा फायरमैन संतोष कंडेरी, प्रेम प्रकाश, सूरज सिंह राणा, यशवन्त सिंह शामिल रहे। आसपास के भवनों तक फैल सकती थी आग आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लपटें आसपास स्थित आवासीय भवनों तक पहुंच सकती थीं। इससे जान-माल के नुकसान की आशंका थी। राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग से कैफे की ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के गोपेश्वर महाविद्यालय के पास एक कैफे की रसोई में सोमवार की देर रात को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों और घने धुएं के बीच फायर सर्विस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए रसोई में रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे संभावित विस्फोट और बड़े हादसे का खतरा टल गया। फायर यूनिट ने त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पाया और उसे आसपास के भवनों तक फैलने से रोक दिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया।

सोमवार की देर रात को फायर स्टेशन गोपेश्वर को कैफे की रसोई में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर यूनिट मोटर फायर इंजन के साथ मौके पर पहुंची। उस समय रसोई में लगी ग्रिल्ड मशीन धधक रही थी और पूरे क्षेत्र में धुआं फैल रहा था। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर कर्मियों ने मोटर फायर इंजन से होज रील फैलाकर पंपिंग शुरू की और आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया। इसी दौरान रसोई में भरे घने धुएं के बीच जवानों ने जोखिम उठाकर वहां रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला। समय रहते सिलेंडर बाहर निकालने और आग पर काबू पाने से संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।

कार्रवाई में प्रशिक्षु एफएसएसओ हिमांशु जोशी, लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक नरेश सिंह तथा फायरमैन संतोष कंडेरी, प्रेम प्रकाश, सूरज सिंह राणा, यशवन्त सिंह शामिल रहे।

आसपास के भवनों तक फैल सकती थी आग

आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लपटें आसपास स्थित आवासीय भवनों तक पहुंच सकती थीं। इससे जान-माल के नुकसान की आशंका थी। राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग से कैफे की ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।

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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के गोपेश्वर महाविद्यालय के पास एक कैफे की रसोई में सोमवार की देर रात को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों और घने धुएं के बीच फायर सर्विस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए रसोई में रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे संभावित विस्फोट और बड़े हादसे का खतरा टल गया। फायर यूनिट ने त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पाया और उसे आसपास के भवनों तक फैलने से रोक दिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया।

सोमवार की देर रात को फायर स्टेशन गोपेश्वर को कैफे की रसोई में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर यूनिट मोटर फायर इंजन के साथ मौके पर पहुंची। उस समय रसोई में लगी ग्रिल्ड मशीन धधक रही थी और पूरे क्षेत्र में धुआं फैल रहा था। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर कर्मियों ने मोटर फायर इंजन से होज रील फैलाकर पंपिंग शुरू की और आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया। इसी दौरान रसोई में भरे घने धुएं के बीच जवानों ने जोखिम उठाकर वहां रखे तीन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला। समय रहते सिलेंडर बाहर निकालने और आग पर काबू पाने से संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।

कार्रवाई में प्रशिक्षु एफएसएसओ हिमांशु जोशी, लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक नरेश सिंह तथा फायरमैन संतोष कंडेरी, प्रेम प्रकाश, सूरज सिंह राणा, यशवन्त सिंह शामिल रहे।

आसपास के भवनों तक फैल सकती थी आग

आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो लपटें आसपास स्थित आवासीय भवनों तक पहुंच सकती थीं। इससे जान-माल के नुकसान की आशंका थी। राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग से कैफे की ग्रिल्ड मशीन, वायरिंग और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।

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