- पूर्व प्रांत संचालक राकेश भट्ट ने राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता पर दिया जोर
गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में विजयादशमी के अवसर पर गोपेश्वर में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन कर संगठन की एकजुटता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। नगर में आयोजित पथ संचलन में स्वयंसेवकों की भागीदारी के बीच संघ के विचारों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में संघ के पूर्व प्रांत संचालक राकेश भट्ट ने कहा कि विजयादशमी सत्य की असत्य और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। यह पर्व साहस, अनुशासन और सदाचार के साथ राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संघ की सौ वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को केंद्र में रखकर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति के लिए समाज में एकता, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का मजबूत होना जरूरी है। स्वयंसेवकों का दायित्व केवल संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि अपने आचरण और सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने संघ के विचारों और संस्कारों को जीवन में उतारकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला संघचालक राजेंद्र प्रसाद पंत, जिला प्रचारक अमित, नगर संघचालक महेंद्र रावत, नगर कार्यवाह अनिल, नगर कार्यवाह वासुदेव जिंग्वाण, हिम्मत सिंह चैहान, शांति प्रसाद भट्ट सहित अनेक स्वयंसेवक मौजूद रहे।


