हरिद्वार। जिला उद्योग केंद्र, हरिद्वार के तत्वावधान में आज पॉलिटेक्निक कॉलेज, सिडकुल हरिद्वार में विद्यार्थियों को स्वरोजगार, उद्यमिता एवं व्यवसाय स्थापना के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल ट्रेड के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, हरिद्वार से मैनेजर चन्द्र मोहन एवं सहायक प्रबंधक दिनेश चन्द्र आर्य, पंजाब नेशनल बैंक से शाखा प्रबंधक श्री रचित तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से श्री योगेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता एवं कौशल के अनुरूप स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार प्राप्तकर्ता के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को उद्यम स्थापना की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए व्यवसाय के चयन, परियोजना प्रस्ताव तैयार करने, बैंक ऋण प्राप्त करने, आवश्यक औपचारिकताओं तथा शासकीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अनुदान/सब्सिडी के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य प्रासंगिक योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को उद्यम स्थापना की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए व्यवसाय के चयन, परियोजना प्रस्ताव तैयार करने, बैंक ऋण प्राप्त करने, आवश्यक औपचारिकताओं तथा शासकीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अनुदान/सब्सिडी के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य प्रासंगिक योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता एवं कौशल के अनुरूप स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार प्राप्तकर्ता के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया गया।


