Home » बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फ की सफेद चादर निचले इलाकों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन, जनजीवन प्रभावित गोपेश्वर (चमोली)। मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव से चमोली जिले में ठंड ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम के इस बदले रुख से तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई है। ठंडी हवाओं और बारिश के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढकने लगी हैं वहीं, नीती और माणा घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई दिया। लंबे समय से शुष्क मौसम के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ गई है, वहीं प्रकृति ने भी सर्दियों के आगमन का अहसास करा दिया है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के चलते तापमान में गिरावट महसूस की गई। बाजारों में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का असर दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। मौसम के बदले मिजाज ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर सीमांत गांवों में बारिश और बर्फबारी से आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

  • बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फ की सफेद चादर
  • निचले इलाकों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन, जनजीवन प्रभावित

गोपेश्वर (चमोली)। मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव से चमोली जिले में ठंड ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम के इस बदले रुख से तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई है। ठंडी हवाओं और बारिश के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढकने लगी हैं वहीं, नीती और माणा घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई दिया। लंबे समय से शुष्क मौसम के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ गई है, वहीं प्रकृति ने भी सर्दियों के आगमन का अहसास करा दिया है।

जिला मुख्यालय गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के चलते तापमान में गिरावट महसूस की गई। बाजारों में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का असर दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

मौसम के बदले मिजाज ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर सीमांत गांवों में बारिश और बर्फबारी से आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

badhtauttarakhand
  • बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फ की सफेद चादर
  • निचले इलाकों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन, जनजीवन प्रभावित

गोपेश्वर (चमोली)। मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव से चमोली जिले में ठंड ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम के इस बदले रुख से तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई है। ठंडी हवाओं और बारिश के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढकने लगी हैं वहीं, नीती और माणा घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई दिया। लंबे समय से शुष्क मौसम के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ गई है, वहीं प्रकृति ने भी सर्दियों के आगमन का अहसास करा दिया है।

जिला मुख्यालय गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के चलते तापमान में गिरावट महसूस की गई। बाजारों में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का असर दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

मौसम के बदले मिजाज ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर सीमांत गांवों में बारिश और बर्फबारी से आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *