चम्पावत। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड से प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार, कलक्ट्रेट चम्पावत में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों से जुड़ी तैयारियां समय से पूरी करने और निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में मतदान एवं मतगणना कार्मिकों, निर्वाचन व्यय निगरानी टीमों, नोडल अधिकारियों एवं अन्य निर्वाचन कार्यों में लगाए जाने वाले कार्मिकों का डाटाबेस तैयार करने की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पी-3 श्रेणी के मतदान केंद्रों के निरीक्षण के साथ सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन समय से पूरा करने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पहुंच मार्ग, बिजली, पेयजल, शौचालय, रैम्प सहित सभी जरूरी सुविधाओं की जांच कर कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिव्यांग एवं 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, 85 वर्ष से अधिक आयु एवं दिव्यांग मतदाताओं का विवरण अद्यतन करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने को कहा। साथ ही मतदाता जागरूकता के लिए जिला स्वीप प्लान तैयार कर युवा, महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं तक मतदान का संदेश पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की तैयारियों, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, कानून एवं शांति व्यवस्था तथा निर्वाचन व्यय निगरानी की भी समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों का समय से आकलन करने, आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा निर्वाचन व्यय की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की तैयारियों, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, कानून एवं शांति व्यवस्था तथा निर्वाचन व्यय निगरानी की भी समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों का समय से आकलन करने, आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा निर्वाचन व्यय की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिव्यांग एवं 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, 85 वर्ष से अधिक आयु एवं दिव्यांग मतदाताओं का विवरण अद्यतन करने तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने को कहा। साथ ही मतदाता जागरूकता के लिए जिला स्वीप प्लान तैयार कर युवा, महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं तक मतदान का संदेश पहुंचाने के निर्देश दिए।


