Home » विधानसभा भवन, वीवीआईपी आवासों और हॉस्टलों में जांचीं सुरक्षा व्यवस्थाएं गोपेश्वर (चमोली)। विधानसभा सत्र से पहले भराड़ीसैंण में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था परखी गई। बुधवार को फायर सर्विस की टीम ने विधानसभा भवन, वीवीआईपी आवासों और हॉस्टलों का फायर रिस्क निरीक्षण कर आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। लीडिंग फायरमैन धर्मेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में फायर यूनिट गैरसैंण की टीम ने परिसर में स्थापित फायर पंप, फायर हाइड्रेंट सिस्टम और प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता जांची। साथ ही अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और उनकी स्थिति का परीक्षण किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके। निरीक्षण में विधानसभा परिसर के प्रमुख भवनों की अग्निशमन व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। फायर ऑडिट के दौरान विधानसभा के सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।  

  • विधानसभा भवन, वीवीआईपी आवासों और हॉस्टलों में जांचीं सुरक्षा व्यवस्थाएं

गोपेश्वर (चमोली)। विधानसभा सत्र से पहले भराड़ीसैंण में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था परखी गई। बुधवार को फायर सर्विस की टीम ने विधानसभा भवन, वीवीआईपी आवासों और हॉस्टलों का फायर रिस्क निरीक्षण कर आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।

लीडिंग फायरमैन धर्मेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में फायर यूनिट गैरसैंण की टीम ने परिसर में स्थापित फायर पंप, फायर हाइड्रेंट सिस्टम और प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता जांची। साथ ही अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और उनकी स्थिति का परीक्षण किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।

निरीक्षण में विधानसभा परिसर के प्रमुख भवनों की अग्निशमन व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। फायर ऑडिट के दौरान विधानसभा के सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

 

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गोपेश्वर (चमोली)। विधानसभा सत्र से पहले भराड़ीसैंण में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था परखी गई। बुधवार को फायर सर्विस की टीम ने विधानसभा भवन, वीवीआईपी आवासों और हॉस्टलों का फायर रिस्क निरीक्षण कर आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।

लीडिंग फायरमैन धर्मेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में फायर यूनिट गैरसैंण की टीम ने परिसर में स्थापित फायर पंप, फायर हाइड्रेंट सिस्टम और प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता जांची। साथ ही अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और उनकी स्थिति का परीक्षण किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।

निरीक्षण में विधानसभा परिसर के प्रमुख भवनों की अग्निशमन व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। फायर ऑडिट के दौरान विधानसभा के सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

 

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