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उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन, अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल, नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान, 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है।


प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए।


आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है।




आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है।

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का…

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रुक्मिणी-श्रीकृष्ण विवाह का मनोहारी प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव-विभोर,भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव कल्याण और धर्म की स्थापना का संदेश: आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज

रुड़की । ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की में पितृपक्ष के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस कथा व्यास एवं आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का मनोहारी वर्णन किया।कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के रुक्मिणी हरण से लेकर उनके विवाह तक के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और भक्ति में झूमने लगे।रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला के पीछे मानव कल्याण का गहरा संदेश निहित है।भगवान का रुक्मिणी जी के साथ विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं,बल्कि प्रेम,समर्पण,श्रद्धा,धर्म और सत्य की विजय का दिव्य संदेश है।



रुक्मिणी जी भगवान श्रीकृष्ण को अपने आराध्य के रूप में स्वीकार करती हैं और पूर्ण श्रद्धा के साथ उन्हें पाने के लिए भगवान की शरण में जाती हैं।कथा व्यास ने बताया कि रुक्मिणी जी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मानकर उन्हें संदेश भेजा।उनकी अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं रुक्मिणी जी को लेने पहुंचे,इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।


उन्होंने कहा कि यह ब्रह्म विवाह प्रेम और आत्मिक मिलन का प्रतीक माना जाता है,जिसमें सांसारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर धर्म और समर्पण की भावना प्रमुख होती है।उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न आएं,यदि उसका विश्वास भगवान के प्रति अटूट है तो भगवान उसका मार्ग अवश्य प्रशस्त करते हैं।रुक्मिणी जी की भक्ति हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा,विश्वास और समर्पण से जीवन में आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह का दिव्य प्रसंग प्रस्तुत होते ही वातावरण भक्तिमय हो गया।कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती कर विश्व कल्याण एवं सभी पितरों की शांति की प्रार्थना की।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,सुलक्षणा सेमवाल,वंदना जायसवाल,रितु वर्मा,राखी,पूजा वर्मा,मीनाक्षी वर्मा,रेनू शर्मा आदि भक्तगण मौजूद रहे।


उन्होंने कहा कि यह ब्रह्म विवाह प्रेम और आत्मिक मिलन का प्रतीक माना जाता है,जिसमें सांसारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर धर्म और समर्पण की भावना प्रमुख होती है।उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न आएं,यदि उसका विश्वास भगवान के प्रति अटूट है तो भगवान उसका मार्ग अवश्य प्रशस्त करते हैं।रुक्मिणी जी की भक्ति हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा,विश्वास और समर्पण से जीवन में आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह का दिव्य प्रसंग प्रस्तुत होते ही वातावरण भक्तिमय हो गया।कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती कर विश्व कल्याण एवं सभी पितरों की शांति की प्रार्थना की।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,सुलक्षणा सेमवाल,वंदना जायसवाल,रितु वर्मा,राखी,पूजा वर्मा,मीनाक्षी वर्मा,रेनू शर्मा आदि भक्तगण मौजूद रहे।


रुक्मिणी जी भगवान श्रीकृष्ण को अपने आराध्य के रूप में स्वीकार करती हैं और पूर्ण श्रद्धा के साथ उन्हें पाने के लिए भगवान की शरण में जाती हैं।कथा व्यास ने बताया कि रुक्मिणी जी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मानकर उन्हें संदेश भेजा।उनकी अटूट भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं रुक्मिणी जी को लेने पहुंचे,इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।

रुड़की । ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की में पितृपक्ष के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिवस कथा व्यास एवं आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह का मनोहारी वर्णन किया।कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के रुक्मिणी हरण से लेकर उनके विवाह तक…

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हरियाणा के युवाओं ने मुख्यमंत्री से साझा किए उत्तराखण्ड भ्रमण के अनुभव, राज्य की कनेक्टिविटी, होम-स्टे, पर्यटन विकास, सौर ऊर्जा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रयासों को सराहा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के तीन दिवसीय भ्रमण पर आए हरियाणा के युवाओं ने भेंट की। युवाओं ने मुख्यमंत्री से अपने भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, होम-स्टे, सौर ऊर्जा, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


हरियाणा के युवाओं ने कहा कि तीन दिनों के भ्रमण के दौरान उन्हें उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों को करीब से जानने और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से स्थानीय लोगों के जीवन में आ रहे बदलावों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अधिकांश भू-भाग पर्वतीय होने के बावजूद उत्तराखण्ड में सड़क एवं डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।



युवाओं ने उत्तराखण्ड के स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में होम-स्टे के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास भी प्रभावी हैं।


युवाओं ने उत्तराखण्ड के स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर वायु गुणवत्ता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में होम-स्टे के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सरकार द्वारा इसके लिए दी जा रही सहायता से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास भी प्रभावी हैं।


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के तीन दिवसीय भ्रमण पर आए हरियाणा के युवाओं ने भेंट की। युवाओं ने मुख्यमंत्री से अपने भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, होम-स्टे, सौर ऊर्जा, सीमांत क्षेत्रों के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में किए जा रहे…

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हरिद्वार: 01 अक्टूबर से जनपद में खनन प्रक्रिया शुरू, शासन के निर्देशों के अनुपालन में आगामी खनन सत्र 2026-27 के लिए खनन संक्रियाएं प्रारंभ


हरिद्वार। शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में आगामी खनन सत्र 2026-27 की समस्त खनन संक्रियाएं 01 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा 30 सितंबर 2026 को आदेश जारी किए गए हैं।


जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में शासन के निर्देशों के अनुपालन में राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए 01 अक्टूबर 2026 से सभी खनन संक्रियाएं अनिवार्य रूप से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि खनन कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न किया जाए।


जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खनन प्रक्रिया के दौरान मा० उच्च न्यायालय नैनीताल एवं मा० एनजीटी, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेशों का भी पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।


जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खनन प्रक्रिया के दौरान मा० उच्च न्यायालय नैनीताल एवं मा० एनजीटी, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेशों का भी पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।


जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में शासन के निर्देशों के अनुपालन में राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए 01 अक्टूबर 2026 से सभी खनन संक्रियाएं अनिवार्य रूप से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि खनन कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न किया जाए।

हरिद्वार। शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में आगामी खनन सत्र 2026-27 की समस्त खनन संक्रियाएं 01 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा 30 सितंबर 2026 को आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में शासन के निर्देशों के अनुपालन में राजस्व…

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वर्ल्डस्किल्स में उत्तराखंड का परचम, सानिया और पार्थ ने जीते रजत पदक, शंघाई में चमकी देवभूमि की प्रतिभा, रिटेल सेल्स और इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में हासिल किया देश के लिए रजत

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया। सानिया ने रिटेल सेल्स, जबकि पार्थ ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक अपने नाम किया।


22 से 27 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में दुनियाभर से करीब 1400 प्रतिभागियों ने 64 कौशल विधाओं में हिस्सा लिया। भारत ने प्रतियोगिता में छह रजत पदक और 20 मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस हासिल किए और विश्व स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया। वर्ल्डस्किल्स में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।


इंडियास्किल्स से शंघाई तक का सफर


सानिया और पार्थ की यह उपलब्धि एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का परिणाम है। दोनों प्रतिभाओं ने इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले चरणों के लिए चयनित किया गया और अंततः वर्ल्डस्किल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।


सानिया और पार्थ की यह उपलब्धि एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का परिणाम है। दोनों प्रतिभाओं ने इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले चरणों के लिए चयनित किया गया और अंततः वर्ल्डस्किल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।


इंडियास्किल्स से शंघाई तक का सफर

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया। सानिया ने रिटेल सेल्स, जबकि पार्थ…

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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन संचालन के विरुद्ध अभियान, 20 स्कूटी/मोटरसाइकिल सीज

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत तथा नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा दोपहिया वाहन चलाए जाने पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जगजीतपुर क्षेत्र के स्कूलों एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा द्वारा किया गया।


अभियान के दौरान विद्यालय प्रशासन से भी वार्ता की गई। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा अवगत कराया गया कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को पूर्व में ही नोटिस जारी कर नाबालिग विद्यार्थियों को स्कूटी/मोटरसाइकिल से विद्यालय न भेजने हेतु सूचित किया गया था। इसके बावजूद कुछ विद्यार्थी दोपहिया वाहनों से विद्यालय आकर उन्हें विद्यालयों के आसपास की गलियों में पार्क कर रहे थे।
परिवहन विभाग की टीम द्वारा विद्यालय प्रशासन को विश्वास में लेते हुए ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा अभियान के दौरान कुल 20 स्कूटी/मोटरसाइकिल सीज की गईं। संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बच्चों के विद्यालय आवागमन हेतु वैकल्पिक एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) निखिल शर्मा, यातायात कर अधिकारी वरुणा सैनी तथा यातायात कर अधिकारी भारत भूषण भी उपस्थित रहे।


परिवहन विभाग द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस/निर्धारित आयु पूर्ण किए बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। नाबालिग द्वारा वाहन संचालन न केवल उसकी स्वयं की सुरक्षा बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है। सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन तथा नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु इस प्रकार के प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।


परिवहन विभाग द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस/निर्धारित आयु पूर्ण किए बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। नाबालिग द्वारा वाहन संचालन न केवल उसकी स्वयं की सुरक्षा बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है। सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन तथा नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु इस प्रकार के प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत तथा नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा दोपहिया वाहन चलाए जाने पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जगजीतपुर क्षेत्र के स्कूलों एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा द्वारा किया गया।…

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मुख्य सचिव ने की यूआईआईडीबी के प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर के कार्यों में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण करने तथा परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा लगभग दस माह में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति किए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए परियोजना के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग हो और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।


मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स की निर्धारित टाइमलाइन के साथ पर्ट चार्ट तैयार किया जाए और प्रत्येक बैठक में इसके अनुरूप परियोजनावार प्रगति प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में निर्धारित समय के अनुरूप प्रगति नहीं हो रही है, उनमें कारणों की स्पष्ट पहचान करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन को भी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से सम्बन्धित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण के लिए यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए अपनी समर्पित टीम विकसित करते हुए कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एवं ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग यूनिट की व्यवस्था की जाए, ताकि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण में किसी प्रकार की समस्या न हो।


मुख्य सचिव ने रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से सम्बन्धित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण के लिए यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए अपनी समर्पित टीम विकसित करते हुए कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एवं ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग यूनिट की व्यवस्था की जाए, ताकि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण में किसी प्रकार की समस्या न हो।


मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स की निर्धारित टाइमलाइन के साथ पर्ट चार्ट तैयार किया जाए और प्रत्येक बैठक में इसके अनुरूप परियोजनावार प्रगति प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में निर्धारित समय के अनुरूप प्रगति नहीं हो रही है, उनमें कारणों की स्पष्ट पहचान करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन को भी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण करने तथा परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव…

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जनसेवा के संकल्प के साथ विकास कार्यों को निरंतर गति

हरिद्वार। नगर पालिका परिषद शिवालिक नगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने सुभाषनगर वार्ड संख्या-9 में B-5 गली तथा वार्ड संख्या-11 में गली नं. A-11 एवं अन्य आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण किया। साथ ही क्षेत्र में पुलिया निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया।


इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिकता है। सड़क, नाली, पुलिया, पेयजल एवं अन्य आवश्यक विकास कार्यों को क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में विकास कार्यों की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाएंगे।


उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में और सुधार होगा। जनता की सुविधा और क्षेत्र का समग्र विकास ही नगर पालिका की प्राथमिकता है।


इस अवसर पर सभासद राधेश्याम कुशवाहा, अनिल राणा, मंडल अध्यक्ष कैलाश भंडारी,हरबीर बालियान, अक्षय राणा, जावीर चौहान, संजय यादव, विनोद शर्मा, शिवपूजन, अंकित चौधरी, अंशुल शर्मा, देव विख्यात भाटी, अभिषेक शर्मा, निरज प्रेमी,सुनील त्यागी, अनिल नैयर, चिंटू, पवनदीप, जितेंद्र प्रजापति, प्रवीण चौधरी, अंकुर यादव, राधेश्याम कुशवाहा, प्रवेश पंवार, राजीव मलिक, बी.एन. चतुर्वेदी, अतुल त्यागी, सुरेंद्र कुमार, अरविंद कश्यप, वंश नैयर सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता बंधु एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।


इस अवसर पर सभासद राधेश्याम कुशवाहा, अनिल राणा, मंडल अध्यक्ष कैलाश भंडारी,हरबीर बालियान, अक्षय राणा, जावीर चौहान, संजय यादव, विनोद शर्मा, शिवपूजन, अंकित चौधरी, अंशुल शर्मा, देव विख्यात भाटी, अभिषेक शर्मा, निरज प्रेमी,सुनील त्यागी, अनिल नैयर, चिंटू, पवनदीप, जितेंद्र प्रजापति, प्रवीण चौधरी, अंकुर यादव, राधेश्याम कुशवाहा, प्रवेश पंवार, राजीव मलिक, बी.एन. चतुर्वेदी, अतुल त्यागी, सुरेंद्र कुमार, अरविंद कश्यप, वंश नैयर सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता बंधु एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।


उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में और सुधार होगा। जनता की सुविधा और क्षेत्र का समग्र विकास ही नगर पालिका की प्राथमिकता है।

हरिद्वार। नगर पालिका परिषद शिवालिक नगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने सुभाषनगर वार्ड संख्या-9 में B-5 गली तथा वार्ड संख्या-11 में गली नं. A-11 एवं अन्य आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण किया। साथ ही क्षेत्र में पुलिया निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा…

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जनपद पौड़ी में आज से शुरू हुआ मिलेट्स खरीद अभियान, 17 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से सीधे खरीदा जाएगा मंडुवा सहित अन्य पहाड़ी उत्पाद

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने और पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिलेट्स मिशन योजना के तहत आज 01 अक्टूबर से मिलेट्स खरीद अभियान शुरू हो गया है। जनपद में बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से वर्तमान में 17 क्रय केंद्रों पर किसानों से मंडुवा सहित अन्य पहाड़ी उपज की खरीद की जाएगी। किसानों की सुविधा, उपज की उपलब्धता और आवश्यकता के अनुसार क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ायी भी जा सकती है।


जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित अधिकारियों को क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित क्रय केंद्रों पर अपनी उपज उपलब्ध कराकर सरकार द्वारा निर्धारित खरीद मूल्य का लाभ उठाएं।


इस वर्ष प्रदेशभर में कुल 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, दालें, तिलहन, चौलाई सहित अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद की जाएगी। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में किसानों से सीधे उपज की खरीद की जाएगी। वहीं, अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी।


वर्ष 2026-27 के लिए मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,205 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 4,886 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 319 रुपये अधिक है। वर्ष 2025-26 में जनपद पौड़ी में 17 क्रय केंद्रों के माध्यम से 831 किसानों से कुल 10,941 क्विंटल मंडुवा की खरीद की गई थी। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा क्रय केंद्रों पर मंडुवा उपलब्ध कराने वाले स्वयं सहायता समूहों/समूहों को 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया गया।


वर्ष 2026-27 के लिए मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,205 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 4,886 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में 319 रुपये अधिक है। वर्ष 2025-26 में जनपद पौड़ी में 17 क्रय केंद्रों के माध्यम से 831 किसानों से कुल 10,941 क्विंटल मंडुवा की खरीद की गई थी। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा क्रय केंद्रों पर मंडुवा उपलब्ध कराने वाले स्वयं सहायता समूहों/समूहों को 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया गया।


इस वर्ष प्रदेशभर में कुल 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, दालें, तिलहन, चौलाई सहित अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद की जाएगी। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में किसानों से सीधे उपज की खरीद की जाएगी। वहीं, अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी।

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने और पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिलेट्स मिशन योजना के तहत आज 01 अक्टूबर से मिलेट्स खरीद अभियान शुरू हो गया है। जनपद में बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से वर्तमान में…

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पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य संदेश,माता-पिता एवं पूर्वजों का सम्मान ही सच्ची श्रद्धा: रमेश सेमवाल जी महाराज

रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की में पितृ पक्ष के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिवस श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक गुरु आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि पितृ पक्ष अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा,कृतज्ञता और स्मरण का पर्व है।मनुष्य को अपने माता-पिता तथा पूर्वजों के प्रति सदैव सम्मान और सेवा का भाव रखना चाहिए।


माता-पिता की सेवा और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।उन्होंने बच्चों और युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता में हमें अपने संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए,जिस परिवार में माता-पिता का सम्मान होता है,वहां संस्कार, प्रेम और सद्भाव बना रहता है।अपने पूर्वजों का स्मरण केवल पितृ पक्ष तक सीमित न रहकर पूरे जीवन श्रद्धा के साथ किया जाना चाहिए।


आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा बताते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को भक्ति,सदाचार,धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।सनातन परंपरा में पितृ पक्ष के दौरान भगवान की कथा,श्रवण,दान-पुण्य, गौसेवा एवं जरूरतमंदों की सेवा को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया गया है।श्रद्धा और भक्ति के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों की शांति और सद्गति के लिए पुण्यकारी फल की प्राप्ति मानी जाती है।उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं,बल्कि जीवन में उतारने का संदेश है। कथा हमें अहंकार त्यागने,माता-पिता की सेवा करने,सत्य के मार्ग पर चलने,जीवों के प्रति दया रखने और भगवान के प्रति भक्ति भाव रखने की प्रेरणा देती है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का श्रवण किया और कथा व्यास आध्यात्मिक गुरु आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के प्रवचनों से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,सुलक्षणा सेमवाल ,भारतीय गुप्ता,परीक्षा,सीमा वर्मा,रितु वर्मा,कमलेश व सचिन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा बताते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को भक्ति,सदाचार,धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।सनातन परंपरा में पितृ पक्ष के दौरान भगवान की कथा,श्रवण,दान-पुण्य, गौसेवा एवं जरूरतमंदों की सेवा को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया गया है।श्रद्धा और भक्ति के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों की शांति और सद्गति के लिए पुण्यकारी फल की प्राप्ति मानी जाती है।उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं,बल्कि जीवन में उतारने का संदेश है। कथा हमें अहंकार त्यागने,माता-पिता की सेवा करने,सत्य के मार्ग पर चलने,जीवों के प्रति दया रखने और भगवान के प्रति भक्ति भाव रखने की प्रेरणा देती है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का श्रवण किया और कथा व्यास आध्यात्मिक गुरु आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के प्रवचनों से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,सुलक्षणा सेमवाल ,भारतीय गुप्ता,परीक्षा,सीमा वर्मा,रितु वर्मा,कमलेश व सचिन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की में पितृ पक्ष के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिवस श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक गुरु आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने…

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