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राजकीय प्राथमिक विद्यालय खानपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत निबंध, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, कार्यक्रम में भाजपा नेता सुशील पेगोवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए

भगवानपुर । राजकीय प्राथमिक विद्यालय खानपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यालय स्तरीय निबंध, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील पेगोवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नशामुक्ति, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया, जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील पेगोवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य बच्चों में सेवा, संस्कार, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है और इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का विकास होता है। इस मौके पर प्रधानाचार्य रेखा रानी, मास्टर प्यारेलाल, चौधरी नाथीराम, मांगेराम, राहुल, अब्दुल, सुनीता, सुषमा रानी, कुसुम आदि मौजूद रहे।

भगवानपुर । राजकीय प्राथमिक विद्यालय खानपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यालय स्तरीय निबंध, भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील पेगोवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नशामुक्ति, संस्कार…

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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा, विकसित भारत-विकसित उत्तराखंड विजन 2047 की कार्ययोजना पर मंथन

हरिद्वार । विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में 20 सूत्रीय कार्यक्रम तथा विकसित भारत विकसित उत्तराखंड विजन 2047 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट में जिन मदों में बी , सी , डी श्रेणी प्राप्त की गई, उन मदों की विभाग बार समीक्षा की गई।


मुख्य विकास अधिकारी, द्वारा मुख्यतः जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, एनआरएलएम, पीएमजीएस वाई तथा जल जीवन मिशन से संबंधित विभागों को आगामी माह में प्रगति/श्रेणी सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात विकसित भारत विकसित उत्तराखंड विजन 2047 के संबंध में कार्य योजना तैयार करने हेतु बैठक में बिंदुवार चर्चा की गई।


मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि माह अक्टूबर 2026 के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में एक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाना है, जिसमें 2047 तक विकसित भारत विकसित उत्तराखंड बनाने हेतु जनपद स्तरीय कार्य योजना तैयार करने के लिए विस्तृत गहन चर्चा परिचर्चा की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा प्रत्येक विभाग को SWOT के आधार पर बिंदुवार कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए , साथ ही संबंधित विभागों को लघुकालिक मध्यकालिक व दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी , महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अपर सांख्यिकी अधिकारी,उपवन संरक्षक, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम व जल संस्थान, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की, मुख्य कृषि अधिकारी, परियोजना अधिकारी उरेडा व स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा अधिकारी आदि जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि माह अक्टूबर 2026 के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में एक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाना है, जिसमें 2047 तक विकसित भारत विकसित उत्तराखंड बनाने हेतु जनपद स्तरीय कार्य योजना तैयार करने के लिए विस्तृत गहन चर्चा परिचर्चा की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा प्रत्येक विभाग को SWOT के आधार पर बिंदुवार कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए , साथ ही संबंधित विभागों को लघुकालिक मध्यकालिक व दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी , महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अपर सांख्यिकी अधिकारी,उपवन संरक्षक, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम व जल संस्थान, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की, मुख्य कृषि अधिकारी, परियोजना अधिकारी उरेडा व स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा अधिकारी आदि जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार । विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में 20 सूत्रीय कार्यक्रम तथा विकसित भारत विकसित उत्तराखंड विजन 2047 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की मासिक प्रगति रिपोर्ट में जिन मदों में बी , सी , डी श्रेणी…

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हरिद्वार जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 के कुल 17 रिक्त पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम घोषित, 14 सदस्य ग्राम पंचायत एवं 3 ग्राम प्रधान पदों के लिए बहादराबाद, रुड़की, भगवानपुर, नारसन और लक्सर विकासखंडों में 30 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी

हरिद्वार। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, देहरादून की अधिसूचना के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 हेतु रिक्त पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह उप निर्वाचन ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के उन पदों पर कराया जाएगा जो मृत्यु, त्यागपत्र, नामांकन न होने अथवा न्यायालय के आदेश सहित अन्य कारणों से रिक्त हुए हैं।


जिलाधिकारी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जनपद में इस उप निर्वाचन के अंतर्गत कुल 17 रिक्त पदों पर चुनाव कराया जाएगा, जिनमें 14 सदस्य ग्राम पंचायत तथा 3 ग्राम प्रधान के पद शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित), पंचायत राज व्यवस्था तथा संबंधित निर्वाचन नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। नामांकन, जांच, नाम वापसी, चुनाव चिन्ह आवंटन, मतदान, मतगणना तथा परिणाम घोषणा का कार्य संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।


निर्वाचन कार्यक्रम


नाम निर्देशन पत्र दाखिल – 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर 2026 (प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक)


नाम निर्देशन पत्र दाखिल – 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर 2026 (प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक)


निर्वाचन कार्यक्रम

हरिद्वार। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, देहरादून की अधिसूचना के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 हेतु रिक्त पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह उप निर्वाचन ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के उन पदों पर कराया जाएगा जो मृत्यु,…

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खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, विभिन्न स्पर्धाओं में हासिल किए पदक, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया

हरिद्वार। जिला युवा कल्याण अधिकारी मुकेश भट्ट ने अवगत कराया है कि खेल महाकुंभ 2026-27 के तहत संसदीय क्षेत्र स्तर पर आयोजित सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी की खेल प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न स्पर्धाओं में अंडर-19 वर्ग के खिलाड़ियों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किए।


बैडमिंटन (युगल) अंडर-19 बालक वर्ग में साहिल कुमार व आयवीर ने प्रथम, करण व अर्पित रावत ने द्वितीय तथा प्रज्ञान कश्यप व अर्णव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ऊंचीकूद अंडर-19 बालक वर्ग में पवन यादव प्रथम, प्रख्यात सिंह द्वितीय और नितिन चौरसिया तृतीय रहे।


3000 मीटर दौड़ अंडर-19 बालिका वर्ग में शिवांगी ने प्रथम, काजल सैनी ने द्वितीय और अंशिका भंडारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर दौड़ अंडर-19 बालक वर्ग में अखिल नेगी प्रथम, आदित्य नेगी द्वितीय और चिरंजीव तिवारी तृतीय रहे। वहीं 200 मीटर दौड़ अंडर-19 बालक वर्ग में आशीष प्रथम, मोहित द्वितीय और अविपाल तृतीय स्थान पर रहे।


राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में अंडर-19 वर्ग में हरिद्वार की टीम प्रथम, पिथौरागढ़ द्वितीय और ऊधमसिंह नगर तृतीय रही। अंडर-14 वर्ग में रुद्रप्रयाग प्रथम, हरिद्वार द्वितीय और देहरादून तृतीय स्थान पर रहा।
इस अवसर पर जिला क्रीड़ाधिकारी रविंद्र भंडारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी यमकेश्वर, युवा कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक, निर्णायक एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में अंडर-19 वर्ग में हरिद्वार की टीम प्रथम, पिथौरागढ़ द्वितीय और ऊधमसिंह नगर तृतीय रही। अंडर-14 वर्ग में रुद्रप्रयाग प्रथम, हरिद्वार द्वितीय और देहरादून तृतीय स्थान पर रहा।
इस अवसर पर जिला क्रीड़ाधिकारी रविंद्र भंडारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी यमकेश्वर, युवा कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक, निर्णायक एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


3000 मीटर दौड़ अंडर-19 बालिका वर्ग में शिवांगी ने प्रथम, काजल सैनी ने द्वितीय और अंशिका भंडारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर दौड़ अंडर-19 बालक वर्ग में अखिल नेगी प्रथम, आदित्य नेगी द्वितीय और चिरंजीव तिवारी तृतीय रहे। वहीं 200 मीटर दौड़ अंडर-19 बालक वर्ग में आशीष प्रथम, मोहित द्वितीय और अविपाल तृतीय स्थान पर रहे।

हरिद्वार। जिला युवा कल्याण अधिकारी मुकेश भट्ट ने अवगत कराया है कि खेल महाकुंभ 2026-27 के तहत संसदीय क्षेत्र स्तर पर आयोजित सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी की खेल प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न स्पर्धाओं में अंडर-19 वर्ग के खिलाड़ियों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किए। बैडमिंटन (युगल) अंडर-19 बालक…

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संस्कृत को नई तकनीक, शोध और नवाचार से जोड़ने की जरूरत: राज्यपाल, संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 32 छात्रों को गोल्ड मेडल और छह छात्रों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा

हरिद्वार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को हरिद्वार स्थित उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के बारहवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 32 छात्रों-छात्राओं को गोल्ड मेडल और छह छात्रों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया।


समारोह में राज्यपाल ने लोक गायिका पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल सहित डॉ. अनुसूया प्रसाद पंत, प्रो. राम कुमार शर्मा तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय को मानद उपाधियों से सम्मानित किया।
राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा पूर्ण होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की नई यात्रा और समाज एवं राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारियों के प्रारंभ का अवसर भी है। विद्यार्थियों के पास ज्ञान, संस्कार और युवा ऊर्जा की शक्ति है। इन तीनों को समाज की आवश्यकताओं से जोड़कर सार्थक बनाना उनका दायित्व है।
उन्होंने कहा कि संस्कृत को केवल अतीत की धरोहर के रूप में संरक्षित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे भविष्य की संभावनाओं से जोड़ना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, भाषा-विज्ञान और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में संस्कृत की वैज्ञानिक संरचना और समृद्ध साहित्य के आधार पर व्यापक शोध की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत को पुस्तकालयों की अलमारियों से निकालकर डिजिटल संसार, शोध प्रयोगशालाओं और वैश्विक ज्ञान-विमर्श तक ले जाने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान-चेतना, चिंतन परंपरा और सांस्कृतिक स्मृति की प्रमुख वाहक है। वेद, उपनिषद, दर्शन, व्याकरण, आयुर्वेद और योग सहित भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा संस्कृत में सुरक्षित है। संस्कृत हमें केवल शब्द नहीं देती, बल्कि जीवन को देखने की दृष्टि, विवेक, कर्तव्यबोध और मानव कल्याण की भावना भी प्रदान करती है।
राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत के विद्यार्थियों के लिए अध्यापन के साथ-साथ अनुवाद, शोध, भारतीय दर्शन, संस्कृति, प्रकाशन, डिजिटल मीडिया और भाषा-तकनीक जैसे अनेक क्षेत्रों में रोजगार एवं कार्य के अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए संस्कृत को रोजगार, शोध, तकनीक और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से ज्ञान को निरंतर बढ़ाने, संस्कारों को जीवन में उतारने, समाज की सेवा करने, नवाचार को अपनाने और राष्ट्र को सर्वाेपरि रखने के पांच संकल्प लेने का आह्वान किया।


कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया। उन्होंने लगभग दस हजार दुर्लभ पुस्तकों एवं पत्र-पत्रिकाओं का विश्वविद्यालय को दान करने के लिए पद्मश्री अभिराज राजेन्द्र मिश्र के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दुर्लभ ग्रंथों को ‘अभिराज-पुस्तक-वीथी’ के रूप में संरक्षित किया जाना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान-संपदा सिद्ध होगा।
12वें दीक्षांत समारोह की विशेष बात यह रही कि राज्यपाल ने अपना संबोधन संस्कृत भाषा में दिया। उन्होंने संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि संस्कृत विश्व की सर्वाधिक पूर्ण एवं तर्कसंगत भाषा ही नहीं, बल्कि अत्यंत वैज्ञानिक और कंप्यूटर अनुकूल भाषा भी है। इसमें जीवन विकास की अपार संभावनाएं हैं। संस्कृत अधिकांश भारतीय भाषाओं की जननी है और उनकी अधिकांश शब्दावली संस्कृत से ली गई है अथवा इससे प्रभावित है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से भारत सरकार का संस्कृत मंत्रालय संस्कृत के समुचित प्रचार-प्रसार के लिए प्रयास कर रहा है। हम सभी को इसमें अपना व्यक्तिगत योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पारंपरिक विषयों के साथ शिक्षा शास्त्र और योग आदि विषयों की पढ़ाई संस्कृत माध्यम से हो रही है। विश्वविद्यालय बहुशास्त्रीय अनुसंधान को भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कामना की कि विश्वविद्यालय अनुसंधान के क्षेत्र में उत्तराखंड और देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक बने तथा यहां होने वाले शोध कार्यों का विश्व के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ आदान-प्रदान हो।
संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने कहा कि संस्कृत का उत्थान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान के नए आम खोल सकते हैं, लेकिन संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का वास्तविक कार्य समाज और नई पीढ़ी की भागीदारी से ही पूरा होगा। हमें संस्कृत की विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे नवाचार से जोड़ना होगा। उन्होंने संस्कृत छात्रों से आवाहन किया कि संस्कृत छात्र संस्कृत को अपने जीवन की ज्ञान यात्रा का हिस्सा बनाएं।
दीक्षांत समारोह में स्वागत भाषण देते हुए कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कहा कि विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य संस्कृत भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और शोध को आगे बढ़ाना है। इसी दिशा में परंपरागत विषयों के साथ आधुनिक विषयों को भी अध्ययन और अनुसंधान से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य संस्कृत को केवल परंपरा तक सीमित न रखते हुए शोध, शिक्षा और समाजोपयोगी ज्ञान का प्रभावी माध्यम बनाना है।
इस अवसर पर प्राग्ज्योतिषपुर विश्वविद्यालय, गुवाहाटी के कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी,श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर,उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय सहित कार्यपरिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य,जनप्रतिनिधि शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से भारत सरकार का संस्कृत मंत्रालय संस्कृत के समुचित प्रचार-प्रसार के लिए प्रयास कर रहा है। हम सभी को इसमें अपना व्यक्तिगत योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पारंपरिक विषयों के साथ शिक्षा शास्त्र और योग आदि विषयों की पढ़ाई संस्कृत माध्यम से हो रही है। विश्वविद्यालय बहुशास्त्रीय अनुसंधान को भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कामना की कि विश्वविद्यालय अनुसंधान के क्षेत्र में उत्तराखंड और देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक बने तथा यहां होने वाले शोध कार्यों का विश्व के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ आदान-प्रदान हो।
संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने कहा कि संस्कृत का उत्थान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान के नए आम खोल सकते हैं, लेकिन संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का वास्तविक कार्य समाज और नई पीढ़ी की भागीदारी से ही पूरा होगा। हमें संस्कृत की विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे नवाचार से जोड़ना होगा। उन्होंने संस्कृत छात्रों से आवाहन किया कि संस्कृत छात्र संस्कृत को अपने जीवन की ज्ञान यात्रा का हिस्सा बनाएं।
दीक्षांत समारोह में स्वागत भाषण देते हुए कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कहा कि विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य संस्कृत भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और शोध को आगे बढ़ाना है। इसी दिशा में परंपरागत विषयों के साथ आधुनिक विषयों को भी अध्ययन और अनुसंधान से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य संस्कृत को केवल परंपरा तक सीमित न रखते हुए शोध, शिक्षा और समाजोपयोगी ज्ञान का प्रभावी माध्यम बनाना है।
इस अवसर पर प्राग्ज्योतिषपुर विश्वविद्यालय, गुवाहाटी के कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी,श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर,उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय सहित कार्यपरिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य,जनप्रतिनिधि शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया। उन्होंने लगभग दस हजार दुर्लभ पुस्तकों एवं पत्र-पत्रिकाओं का विश्वविद्यालय को दान करने के लिए पद्मश्री अभिराज राजेन्द्र मिश्र के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दुर्लभ ग्रंथों को ‘अभिराज-पुस्तक-वीथी’ के रूप में संरक्षित किया जाना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान-संपदा सिद्ध होगा।
12वें दीक्षांत समारोह की विशेष बात यह रही कि राज्यपाल ने अपना संबोधन संस्कृत भाषा में दिया। उन्होंने संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि संस्कृत विश्व की सर्वाधिक पूर्ण एवं तर्कसंगत भाषा ही नहीं, बल्कि अत्यंत वैज्ञानिक और कंप्यूटर अनुकूल भाषा भी है। इसमें जीवन विकास की अपार संभावनाएं हैं। संस्कृत अधिकांश भारतीय भाषाओं की जननी है और उनकी अधिकांश शब्दावली संस्कृत से ली गई है अथवा इससे प्रभावित है।

हरिद्वार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को हरिद्वार स्थित उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के बारहवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 32 छात्रों-छात्राओं को गोल्ड मेडल और छह छात्रों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया। समारोह में राज्यपाल ने लोक गायिका पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल सहित…

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देहरादून: पुश्तैनी जमीन विवाद में बेटी ने प्रेमी संग मिलकर की मां की हत्या, पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतका की बेटी और उसके प्रेमी को किया गिरफ्तार

देहरादून । रायवाला के मोतीचूर में बीते सोमवार को 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका की बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने और जमीन बेचे जाने से नाराज बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की साजिश रची थी।


कोतवाली रायवाला के प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि बीते 22 सितंबर को संजय पुण्डीर निवासी ग्राम काटल, भोगपुर ने रायवाला थाने में तहरीर दी थी कि उनकी मां खजानी देवी (65) शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर स्थित किराये के मकान में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ रहती थीं।


21 सितंबर को वह लापता थीं और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। ताला तोड़कर अंदर जाने पर खजानी देवी बाथरूम में मृत मिलीं। मामले में घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गयी और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की जानकारी जुटाई।


21 सितंबर को वह लापता थीं और मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। ताला तोड़कर अंदर जाने पर खजानी देवी बाथरूम में मृत मिलीं। मामले में घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गयी और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की जानकारी जुटाई।


कोतवाली रायवाला के प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि बीते 22 सितंबर को संजय पुण्डीर निवासी ग्राम काटल, भोगपुर ने रायवाला थाने में तहरीर दी थी कि उनकी मां खजानी देवी (65) शहीद भगत सिंह कालोनी, लाइनपार मोतीचूर स्थित किराये के मकान में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ रहती थीं।

देहरादून । रायवाला के मोतीचूर में बीते सोमवार को 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका की बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने और जमीन बेचे जाने से नाराज बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी…

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हरिद्वार जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2026 के कुल 17 रिक्त पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम घोषित, 14 सदस्य ग्राम पंचायत एवं 3 ग्राम प्रधान पदों के लिए बहादराबाद, रुड़की, भगवानपुर, नारसन और लक्सर विकासखंडों में 30 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी

हरिद्वार। उत्तराखण्ड शासन के सचिव ,बेसिक शिक्षा अनुभाग -1 के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद,रामनगर (नैनीताल) द्वारा उत्तराखण्ड अध्यापक पात्रता परीक्षा (UTET-I एवं UTET-II) 2026 का आयोजन 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को जनपद हरिद्वार में दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली प्रातः 10:00 बजे से 12:30 बजे तथा दूसरी पाली अपराह्न 2:00 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित होगी।


जनपद में परीक्षा के लिए हरिद्वार शहर में 8 तथा रुड़की शहर में 10, कुल 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने परीक्षा की सफलता के लिए मजिस्ट्रेटों एवं अधिकारी की तैनात किए गए है,जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार एवं रुड़की को सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर अथवा भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, धमकी, मारपीट या अनुचित साधनों के प्रयोग की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि केंद्र व्यवस्थापक एवं कक्ष निरीक्षक सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जनपद के कोषागार एवं उपकोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखा जाएगा। जिन उपकोषागारों में डबल लॉक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां सशस्त्र सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
परीक्षा के प्रभावी संचालन हेतु हरिद्वार और रुड़की के सभी परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगे, संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी रखेंगे तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार परीक्षा संचालन से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं के नोडल अधिकारी रहेंगे। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपनी कुशलता रिपोर्ट तत्काल अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।


 


 


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने परीक्षा की सफलता के लिए मजिस्ट्रेटों एवं अधिकारी की तैनात किए गए है,जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार एवं रुड़की को सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर अथवा भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, धमकी, मारपीट या अनुचित साधनों के प्रयोग की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि केंद्र व्यवस्थापक एवं कक्ष निरीक्षक सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जनपद के कोषागार एवं उपकोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखा जाएगा। जिन उपकोषागारों में डबल लॉक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां सशस्त्र सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
परीक्षा के प्रभावी संचालन हेतु हरिद्वार और रुड़की के सभी परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगे, संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी रखेंगे तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार परीक्षा संचालन से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं के नोडल अधिकारी रहेंगे। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट अपनी कुशलता रिपोर्ट तत्काल अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

हरिद्वार। उत्तराखण्ड शासन के सचिव ,बेसिक शिक्षा अनुभाग -1 के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद,रामनगर (नैनीताल) द्वारा उत्तराखण्ड अध्यापक पात्रता परीक्षा (UTET-I एवं UTET-II) 2026 का आयोजन 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को जनपद हरिद्वार में दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली प्रातः 10:00 बजे से 12:30 बजे तथा दूसरी पाली अपराह्न…

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ऑपरेशन प्रहार के तहत पथरी थाना पुलिस ने धनपुरा गांव में छापेमारी कर 16 पेट्टी अवैध देशी शराब बरामद की

पथरी । ऑपरेशन प्रहार के तहत पथरी थाना पुलिस ने धनपुरा गांव में छापेमारी कर 16 पेट्टी अवैध देशी शराब बरामद की। पुलिस ने मौके से एक आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया। सूचना पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश देकर दीन मोहम्मद उर्फ चंदू पुत्र यासीन निवासी धनपुरा को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 16 पेट्टी में 810 ट्रेट्रा पैक देशी शराब बरामद हुई। पथरी थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपित के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र पुंडीर, कांस्टेबल नारायण सिंह, मनोज कुमार और महेश बाबू शामिल रहे।

पथरी । ऑपरेशन प्रहार के तहत पथरी थाना पुलिस ने धनपुरा गांव में छापेमारी कर 16 पेट्टी अवैध देशी शराब बरामद की। पुलिस ने मौके से एक आरोपित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया। सूचना पर पुलिस टीम ने बताए…

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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में औद्योगिक विकास कार्यों की समीक्षा, रुड़की औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला उद्योग मित्र समिति एवं सिंगल विंडो जिला प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित

हरिद्वार । जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार के जिला कार्यालय सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र समिति एवं सिंगल विंडो जिला प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य रुड़की सहित जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लंबित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं उद्योगों से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा कर उनके त्वरित समाधान की कार्ययोजना तैयार करना रहा।


बैठक में औद्योगिक क्षेत्र रुड़की एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, फायर स्टेशन के निर्माण, ड्रेनेज एवं नालों के निर्माण, विद्युत आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण, नए विद्युत उपकेंद्रों एवं ट्रांसफार्मरों की स्थापना तथा अन्य विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों से प्रत्येक कार्य की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।


बैठक में उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विभागीय स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुझाव दिए। साथ ही उद्योगों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, निवेश को बढ़ावा मिले तथा जनपद हरिद्वार में रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार विश्नोई,सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की अमरजीत कौर,एनएचएआई के अधिकारी एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


बैठक में उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विभागीय स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुझाव दिए। साथ ही उद्योगों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, निवेश को बढ़ावा मिले तथा जनपद हरिद्वार में रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार विश्नोई,सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की अमरजीत कौर,एनएचएआई के अधिकारी एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हरिद्वार । जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार के जिला कार्यालय सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र समिति एवं सिंगल विंडो जिला प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य रुड़की सहित जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लंबित विकास कार्यों, आधारभूत…

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बहादराबाद के शांतरशाह में बाइक मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इस्तिखार ने रची हत्या की साजिश

हरिद्वार । बहादराबाद के शांतरशाह में बाइक मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए बदमाश की पूछताछ में सामने आया है कि सहारनपुर निवासी स्मैक तस्कर इस्तिखार को हैप्पी ब्लैकमेल कर पुलिस से पकड़वाने की धमकी दे रहा था।


इससे तंग आकर इस्तिखार ने अपने साथी मुदस्सिर और शादाब के साथ मिलकर हैप्पी की हत्या की साजिश रची। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि हत्या के लिए तमंचा मुकीम काला गैंग के शूटर साबिर ने मुहैया कराया था, जबकि समीर नाम के युवक ने वारदात में इस्तेमाल बाइक उपलब्ध कराई।


पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुदस्सिर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इश्तिखार, शादाब और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। जांच में सामने आया कि इस्तिखार हरिद्वार, कलियर और सहारनपुर क्षेत्र में स्मैक की तस्करी करता था।


हैप्पी को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी और वह लगातार इस्तिखार पर दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर इस्तिखार ने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस अब फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।


हैप्पी को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी और वह लगातार इस्तिखार पर दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर इस्तिखार ने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस अब फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।


पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुदस्सिर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इश्तिखार, शादाब और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। जांच में सामने आया कि इस्तिखार हरिद्वार, कलियर और सहारनपुर क्षेत्र में स्मैक की तस्करी करता था।

हरिद्वार । बहादराबाद के शांतरशाह में बाइक मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए बदमाश की पूछताछ में सामने आया है कि सहारनपुर निवासी स्मैक तस्कर इस्तिखार को हैप्पी ब्लैकमेल कर पुलिस से पकड़वाने की धमकी दे रहा था। इससे तंग आकर इस्तिखार ने अपने साथी मुदस्सिर और…

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